
ग्वालियर। कमलाराजा अस्पताल में भर्ती महिला मरीज के परिजनों के सहायक अधीक्षक से शिकायत करने के बाद डॉक्टरों ने गुरुवार को मरीज को सर्जरी में शिफ्ट कर दिया। अटेंडेंट के मुताबिक सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने कहा कि हमारे पास बेड, गद्दा और चादर नहीं हैं, आपको घर से लाना पड़ेंगे। इसके बाद जबरिया हमसे लिखवा लिया कि मरीज की छुट्टी कराकर ले जा रहे हैं। इस मामले की जब सहायक अधीक्षक से शाम को शिकायत हुई तो दोबारा मरीज भर्ती हो सका।दरअसल अरविंद सिंह की पत्नी नगीना का केआरएच के मेडिसिन विभाग में उपचार चल रहा था। डॉक्टर देखने नहीं आ रहे थे और बीपीएल कार्ड होने के बाद भी दवाएं बाहर से मंगाई जा रही थीं। इसकी शिकायत अटेंडेंट अरविंद ने बीते रोज सहायक अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र नरवरिया से दर्ज कराई थी। इसके बाद मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. ओपी जाटव देखने भी पहुंचे थे।गुरुवार सुबह मरीज की कुछ जांच कराने के लिए कहा गया, जब लौटकर आए तो कहा गया कि इनका ऑपरेशन होना है इसलिए सर्जरी विभाग में शिफ्ट किया जा रहा है। सर्जरी विभाग में पहुंचे तो यहां डॉक्टरों ने कहा कि भर्ती तो हम कर लेंगे, लेकिन हमारे पास बेड, गद्दा और चादर नहीं हैं। तुम्हे खुद इंतजाम करना होगा।मरीज ने कहा कि हमारे पास तो केवल कंबल है, आप हमें डिस्चार्ज कर दो। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने डिस्चार्ज कार्ड देने की जगह जबरिया कागज पर हमसे लिखवा लिया कि मर्जी से मरीज को ले जा रहे हैं। इसके बाद पत्नी दिनभर जेएएच परिसर में टीनशेड में लेटी रही।
शिकायत के बाद हुआ भर्ती
अटेंडेंट अरविंद सिंह ने गुरुवार की शाम को सहायक अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र नरवरिया को फोन कर शिकायत दर्ज कराई। उन्हें पूरा घटनाक्रम बताया तो तत्काल हेल्प डेस्क पर अटेंडेंट को पहुंचाया गया। सहायक अधीक्षक के आदेश के बाद नगीना को दोबारा वार्ड में भर्ती किया जा सका।
इनका कहना है
हमने अटेंडेंट से कहा था कि यदि कोई दिक्कत आए तो हमें फोन करे। गुरुवार को शाम को जैसे ही उसने फोन पर हमें बताया कि उसे वार्ड से निकाल दिया गया है तो हमने अपना कर्मचारी भेजकर हेल्प डेस्क पर पहुंचाया। जहां से मरीज को भर्ती कराया गया है। यदि मरीज को उपचार की जरूरत है और उसे भगाया गया है तो डीन एवं अधीक्षक से बात कर कार्रवाई कराई जाएगी – डॉ. जितेन्द्र नरवरिया, सहायक अधीक्षक जेएएच






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