अशोकनगर पिपरई (एजाज खान ):– खरीफ फसलों पर धीरे-धीरे बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इसके कारण फसलों की ग्रोथ रुक गई है तो पीला मोजेक का असर भी नजर आने लगा है। इसके कारण अब किसानों में उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यही आलम रहा तो इस साल भी अच्छी फसल नहीं होगी। बीमारी का प्रभाव किसानों के लिए नकदी फसल कही जाने वाले सोयाबीन व उड़द पर अधिक दिखाई दे रहा है। उल्लेखनीय है, कि अल्पवर्षा के कारण खरीफ फसलों को लेकर चिंतित किसानों के सामने एक और नई मुसीबत खड़ी हो गई है। नगर के अधिकांश क्षेत्रों में सोयाबीन की फसल पर पीला मोजेक रोग का प्रकोप शुरू हो गया है। इस रोग के तेजी से हो रहे फैलाव के कारण किसान हैरान-परेशान होकर महंगी दवाओं का उपयोग करने में जुटे हुए हैं।सोयाबीन की फसल पर शुरू हुए पीला मोजेक के प्रकोप को रोकने के लिए किसानों को बेहद मंहगी दवाईयों का छिड़काव करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कीटनाशक विक्रेताओं की मानें तो पिछले एक सप्ताह से किसान केवल फसल की पत्तियां पीली होने की समस्या लेकर आ रहे हैं। उन्हें पीला मोजेक रोग से बचाव के लिए जो दवाएं बताई जा रही हैं उनके बेहद मंहगा होने से अधिकांश किसान खरीद नहीं पा रहे हैं। पिपरई और आसपास के क्षेत्रों में किसानों के द्वारा दवाईयों का छिड़काव कर जैसे-तैसे फसल को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।






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