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पोहरी उत्कृष्ट विद्यालय बना राजनीतिक अखाड़ा शिक्षिकाओं की ऊंची पहुंच के चलते कार्यवाही करने में अक्षम जिला अधिकारी छात्रों का भविष्य अंधकार में, पढ़ाई चौपट

पोहरी। शिवपुरी जिले की सबसे पिछड़ी तहसील जो प्रदेश में भी अपने पिछड़ेपन के लिए जानी जाती है पोहरी तहसील का एकमात्र उत्कृष्ट विद्यालय की हालात दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है। यदि बात की जाए पोहरी मुख्यालय के उत्कृष्ट विद्यालय की तो इस विद्यालय के शिक्षकों को किसी भी अधिकारी व जनप्रतिनिधि का भी भय नही है अपनी मर्जी से विद्यालय में आते है जब मर्जी हो चले जाते हैं। वर्तमान में मानो विद्यालय के कुछ शिक्षिकों की राजनीति में ऊँची पुहंच होने के चलते इन पर कार्यवाही करने में भी पोहरी व जिले के शिक्षा अधिकारी के हाथ पैर फूल जाते है तभी तो जिला शिक्षाधिकारी के निरीक्षण में भी शिक्षिक अनुपस्थित मिले इसके बाद भी कार्यवाही के नाम पर कुछ भी नही हुआ है। सूत्रों की मानें तो शिक्षिक पर कार्यवाही होने से पहले के राजनीतिक लोगो के फोन उस शिक्षक के लिए अधिकारी पर आ जाते है जिसके चलते जिले में बैठे अधिकारियों ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए सेकड़ों बच्चो के साथ खिलबाड़ कर दिया है। पोहरी मुख्यालय के विद्यालय का हाल बेहाल है तो ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालय तो रामभरोसे चल रहे होंगे। ऐसे में कई बार शिक्षिकाओं की शिकायत प्राचार्य से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से तक कर दी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई तक नहीं की गई, जहां उत्कृष्ट विद्यालय में पढाई के नाम पर महज खाना पूर्ति हो रही है। मजबूरन छात्रों को प्राइवेट कोचिंगों का सहारा लेना पड़ रहा है। ऐसे में प्राचार्य भी विद्यालय से अधिकतर नदारद मिलते है। जब इस संबंध में विद्यालय के शिक्षकों से बात की जाती है तो शिक्षकों द्वारा चुप्पी साध ली जाती है। ऐसे में शिक्षा बिभाग के अधिकारियों द्वारा भी उत्कृष्ट विद्यालय की कोई सुध नही ली जा रही है, जिसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।
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कार्यवाही के पहले जिला शिक्षा अधिकारी की कलम पड़ी फीकी
मध्य प्रदेश में शासकीय विद्यालय की हालत किसी से छुपी नही है शिवपुरी जिले की पोहरीं तहसील के मुख्यालय पर तहसील के एक मात्र उत्कृष्ट विद्यालय में बच्चो के भविष्य के साथ जिले व पोहरीं के अधिकारी खिलबाड़ करते नजर आ रहे है तभी तो पोहरीं विद्यालय में स्टाफ आता ही नही है जबकि शिक्षिकाओं की बात करें तो राजनीतिक पुहंच होने के चलते कारबाई करने में विभाग के जिला शिक्षाधिकारी भी वेबस नजर आ रहे है तभी तो शिकायत मिलने के बाद भी कारबाई के नाम पर दिखावा करते हुए नजर आ रहे है लगता है राजनीतिक दबाव के चलते अधिकारियो की कलम की स्याही फीकी पड़ गयी है।
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मजबूरन ले रहे छात्र प्राइवेट कोचिंग, विद्यालय में नहीं होती पढ़ाई
शिक्षकों के न आने से मजबूरन छात्र प्राइवेट कोचिंग लेने को मजबूर हो रहे है। 
शिक्षा के बिभाग द्वारा शाशकीय विद्यालय में शिक्षण व्यबस्थाओ को सुधारने को लेकर जिले के अधिकारीयो को कई बार सूचित कर दिया है लेकिन जिले में बैठे अधिकारी द्वारा लगातार उत्कृष्ट विद्यालय की चेकिंग नही की जाती जिसके चलते प्राचार्य ओर शिक्षकों के हौसले बुलंद होते जा रहे है। और छात्रों का भविष्य अंधकार में है।
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राजनीतिक पुहंच के कारण नहीं होती शिक्षिका पर करवाई 
पोहरी के उत्कृष्ट विद्यालय में शिक्षका के न आने के चले हर वर्षो बच्चो के भविष्य के साथ खिलबाड़ किया जाता है इस का मुख्य कारण विद्यालय में पदस्थ शिक्षिका की ऊंची राजनीतिक पहुंच के चलते पोहरी से लेकर जिले के वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यवाही करने में अक्षम नजर आ रहे है राजनीतिक पहुंच इतनी है कि उक्त शिक्षिकाओं पर कार्यवाही से पहले ही राजनीतिक लोगों के फ़ोन शिक्षिकाओं के बचाव में पहुंच जाते है। लगता है राजनीतिक लोग खुद बच्चो के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते नजर आते है। जब विद्यालय में शिक्षकों की ऊंची पहुंच के चलते पढऩे नहीं आयेंगे तो और शिक्षक भी अपने कर्तव्यों से पीछे हट जायेंगे। एक ओर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बच्चो को अच्छी शिक्षा देने का वादा मंच से करते हैं, वही सत्ताधारी पार्टी के राजनेता विद्यालय कार्यवाही से बचने के लिए अधिकारियो को फोन करते है।

इनका कहना है

लगातार शिकायत मिलने के बाद निरीक्षण किया गया। उक्त शिक्षिका अनुपस्थित मिली। कारबाई के लिए शिक्षा विभाग को लिखा था कार्यवाही हुई या नही जानकारी लेकर पता चलेगा और यदि फिर भी ऐसा हो रहा है तो निरीक्षण करता हूं। 
अंकित आस्थाना,  एसडीएम पोहरी


पोहरी के उत्कृष्ट विद्यालय के हाल बेहाल है विद्यालय में शिक्षिका अनुपस्थित मिलती है विद्यालय का स्टॉफ व प्राचार्य भी शिक्षिकाओं के साथ मिले हुए है।
नरेंद्र सिंह जादौन, अध्यक्ष राष्ट्रीय मानव अधिकार पोहरी

दोनों कभी कभी आती है महीने में चार बार तो आ जाती होगी हमारी तो पढ़ाई चौपट हो रही है।
नवीन सेन, छात्र

यदि पोहरी उत्कृष्ट विद्यालय में शिक्षिका नही आ रही है और बच्चो का भविष्य के साथ खिलबाड़ हो रहा है तो मैंं खुद वरिष्ठ अधिकारियों से बात करूंगा।
प्रहलाद भारती, विधायक पोहरी

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