शिवपुरी।
कोतवाली क्षेत्र के घोसीपुरा में स्थित शिव मंदिर में विगत रात्रि एक
सिरफिरे युवक ने तोड़ फोड़ कर दी। वहां विराजमान शिव दरबार को खंडित कर
दिया। उक्त घटना को भक्तों ने देख लिया और आरोपी को पकडऩे की कोशिश की
लेकिन आरोपी मौके से भाग खड़ा हुआ। घटना के बाद वहां पर स्थिति बिगड़ गई और
लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंची और
मामले में हस्तक्षेप किया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ
भादवि की धारा 295 का प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया।
प्राप्त जानकारी के
अनुसार घोसीपुरा में कोली समाज द्वारा भगवान शिव के मंदिर की स्थापना की
गर्ई है। जिसमें प्रतिदिन भक्त दर्शन करने आते हैं। विगत 3-4 अप्रैल की
रात्रि मंदिर में आरोपी ललित पुत्र मंगल सिंह कोली घुस आया और उसने शिव
दरबार पर पत्थरों से प्रहार कर दिया। जिससे भगवान शिव पार्र्वती, गणेश जी
और नंदी महाराज की प्रतिमायें खण्डित हो गईं। उक्त घटना को वहां के लोगों
ने देख लिया और आरोपी को पकडऩे का प्रयास किया लेकिन आरोपी मौैके से भागने
में सफल रहा। बाद में भक्तों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पाते ही पुलिस
मौके पर पहुंची और लोगों को समझाया तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ।
कोतवाली क्षेत्र के घोसीपुरा में स्थित शिव मंदिर में विगत रात्रि एक
सिरफिरे युवक ने तोड़ फोड़ कर दी। वहां विराजमान शिव दरबार को खंडित कर
दिया। उक्त घटना को भक्तों ने देख लिया और आरोपी को पकडऩे की कोशिश की
लेकिन आरोपी मौके से भाग खड़ा हुआ। घटना के बाद वहां पर स्थिति बिगड़ गई और
लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंची और
मामले में हस्तक्षेप किया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ
भादवि की धारा 295 का प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया।
प्राप्त जानकारी के
अनुसार घोसीपुरा में कोली समाज द्वारा भगवान शिव के मंदिर की स्थापना की
गर्ई है। जिसमें प्रतिदिन भक्त दर्शन करने आते हैं। विगत 3-4 अप्रैल की
रात्रि मंदिर में आरोपी ललित पुत्र मंगल सिंह कोली घुस आया और उसने शिव
दरबार पर पत्थरों से प्रहार कर दिया। जिससे भगवान शिव पार्र्वती, गणेश जी
और नंदी महाराज की प्रतिमायें खण्डित हो गईं। उक्त घटना को वहां के लोगों
ने देख लिया और आरोपी को पकडऩे का प्रयास किया लेकिन आरोपी मौैके से भागने
में सफल रहा। बाद में भक्तों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पाते ही पुलिस
मौके पर पहुंची और लोगों को समझाया तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ।





Be First to Comment