झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन गुरुवार को विपक्षी दलों ने विधानसभा के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया. सीएनटी व एसपीटी एक्ट में संशोधन के सरकार के निर्णय के खिलाफ आंदोलन चलाने की बात दुहराई गई.
विपक्षी दलों में एक स्वर में राज्य के विभिन्न जिलों में गोलीकांड की निंदा की और मामले में जांच कराने की मांग की गई. विपक्षी दल के नेताओं का कहना है कि सरकार अपने संशोधन की कोशिश को वापस ले ।सदन की कार्यवाही में व्यवधान का भी संकेत दिया गया.

नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने तंज कसा कि कैबिनेट भगवान नहीं कि जो चाहे वह करा ले. वहीं कांग्रेसी विधायक आलमगीर आलम ने मांग की कि सरकार गोलीकांड में मरे लोगों के परिजनों को 25-25 लाख रुपए मुआवजा दे. वहीं झाविमो विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट मामले में सरकार जनता सरकार के विरुद्घ है. चाहे तो मामले में सरकार जनमत संग्रह करा ले.





Be First to Comment