खनियाधाना :– खनियाधाना तहसील के ग्राम अछरोनी में मध्यांचल ग्रामीण बैंक के 4 कियोस्क सेंटर संचालित हैं जिसमें से 3 कियोस्क सेंटर बैंक के नजदीक संचालित हो रहे हैं जिसमें से एक कियोस्क संचालक मोहन पाल रुपए के लेन देन मैं आजकल कमीशन जमकर ले रहे हैं अगर बैंक ग्राहक बैंक जाता है तो उसको बैंक से रुपए ना निकाल कर कई बहाने बनाकर वापस कर दिया जाता है फिर वह ग्राहक मजबूर होकर कियोस्क सेंटर पर जाने को मजबूर होता है और यह कियोस्क सेंटर संचालक रुपए निकालने के नाम पर अपना कमीशन मांगते हैं अगर ग्राहक को ₹1000 निकालना है तो ग्राहक को 100 रुपये की राशि कियोस्क संचालक को देना पड़ती है और ग्राहक को 1000 की जगह 900 रुपये मिलते हैं अगर किसी को इससे छोटा लेन देन करना है तो उसको 100 रुपए की राशि देना पड़ती है और फिर कियोस्क संचालक ग्राहक को देखकर उससे अपने कमीशन की मांग करता है अगर इन कियोस्क सेंटर संचालकों से कमीशन के बारे में अगर कोई ग्राहक बात करता है तो कियोस्क संचालको का बोलने का तरीका कुछ हटके होता है और ग्राहक परेशान होकर कियोस्क संचालको को कमीशन देने को मजबूर होना पड़ता है वही कियोस्क संचालक मोहन पाल आजकल बैंक के बगल में कियोस्क सेंटर संचालित कर ग्राहकों से जमकर कमीशन खोरी कर रहा है और जब कि मोहन पाल के कियोस्क की लोकेशन अतरौली से 10 किलोमीटर दूर क्रिकेट पर है पर बैंक मैनेजर से सांठगांठ कर अपना कियोस्क सेंटर बैंक के नजदीक संचालित कर रहा है जब इस संबंध में ब्रांच मैनेजर से बात की तो ब्रांच मैनेजर का कहना है कि मेरे संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं है
बैंक वाले इन ग्राहकों के रुपए क्यों नहीं निकालते बैंक से रुपए :– मध्यांचल ग्रामीण बैंक अछरोनी के मैनेजर व केशियर रुपए क्यों नहीं निकालते इसमें कियोस्क सेंटर संचालक और बैंक के कर्मचारियों की मिलीभगत नजर आती है क्योंकि अगर ग्राहक बैंक में जाता है तो उसको कुछ ना कुछ कह कर बैंक से लेन देन नहीं किया जाता और मजबूर होकर ग्राहक को कियोस्क सेंटरों पर जाना पड़ता है और कमीशन देने को मजबूर होना पड़ता है
बैंक के बगल में क्यों खुले कियोस्क सेंटर :– मध्यांचल ग्रामीण बैंक अछरोनी मैं बैंक के नजदीक में 3 कियोस्क सेंटर संचालित है आखिर यह तीनो कियोस्क सेंटर बैंक के बगल में ही क्यों संचालित हो रहे हैं जबकि इन तीनों कियोस्क सेंटरो की लोकेशन आस-पास के गांव व क्षेत्र की है इसका राज तो मध्यांचल ग्रामीण बैंक अछरोनी के ब्रांच मैनेजर या फिर कियोस्क सेंटर संचालक ही बता सकते हैं क्योंकि बैंक में बैठकर लेन देन ना करना पड़े और ग्राहक परेशान होकर कियोस्क सेंटर पर जाए और रुपए निकालने के लिए कियोस्क सेंटर संचालको को कमीशन देना ही पड़ता है और वह कमीशन मैं आधा आधा हिस्सा बैंक मैनेजर ब कियोस्क संचालक भी होे सकता ग्राहक को बैंक में परेशान कर बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है और कियोस्क सेंटर वाले इनको बुरी तरह से कमीशनखोरी करके अपना जेब गर्म कर लेते हैं
मैनेजर बैंक के बगल से क्यों नहीं हटाते कियोस्क सेंटर :– मध्यांचल ग्रामीण बैंक अच्छा रानी बैंक मैनेजर कि कनपटी पर यह कियोस्क संचालित हो रहे हैं फिर भी बैंक मैनेजर इनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं और आए दिन कमीशनखोरी की शिकायतें कियोस्क सेंटर संचालकों की मिलती रहती हैं फिर भी मैनेजर के कान पर जूं तक नहीं रेंगता आखिर इन कियोस्क सेंटर संचालको ने मैनेजर को कौन सी जड़ी बूटी पिला दी कि मैनेजर इन पर कोई कार्रवाई नहीं करते
इनका कहना
बैंक के बगल में जो कियोस्क सेंटर संचालित हो रहे है वह गांव की लोकेशन के हैं पर गांव में कनेक्टिविटी नहीं मिलती इससे यह कियोस्क सेंटर बैंक के बगल में संचालित हो रहे हैं और कमीशन लेने का आपने मेरे संज्ञान में मामला लाया है इसको दिखाता हूं और कार्रवाई करवाता हूं वैसे आज तक मेरे पास कोई शिकायत करने नहीं आया
डी आर सिंह मध्यांचल ग्रामीण बैंक मैनेजर अछरोनी
मैंने अपने पेंसिल के 600 रूपया निकाले तो अंगूठा लगात बारे बैंक बाले ने 100 रूपया ले लय और मोय 500 रूपया दय
धनकुंर लोधी ग्रामीण महिला





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