
उपचुनाव के हुआ था जिले से स्थानांतरण
शिवपुरी। कोलारस में सम्पन्न हुए उपचुनाव के बाद निर्वाचन आयोग के आदेशों के पालन में शिवपुरी जिले से उन अधिकारियों का स्थानांतरण हुआ था जिन्होंने कोलारस उपचुनाव में तैनात रहते हुए ड्यूटी की थी। निर्वाचन आयोग के आदेशों के पालन में शिवपुरी जिले के पुलिस अधीक्षक रहे सुनील कुमार पांडेय, कलेक्टर तरूण राठी, एड. एसपी कमल मोर्य, एसडीएम श्री प्रजापति, एसडीओपी सुजीत भदौरिया, आरटीओ विक्रमजीत सिंह कंग सहित तमाम उन अधिकारी कर्मचारियों के स्थानांतरण जिले से बाहर हुए थे। जिन्होंने कोलारस उपचुनाव में ड्यूटी की थी। इसी क्रम में खरई आरटीओ वैरियर प्रभारी रहे शशि भारद्वाज का स्थानांतरण भी शिवपुरी जिले से बाहर किया गया था। बावजूद इसके शशि भारद्वाज खरई बैरियर से डेढ़ से दो माह का वनवास काटने के बाद पुन: इसी बैरियर पर आकर बतौर प्रभारी पदस्थ हो गए हैं। बताया जाता है कि शशि भारद्वाज अपनी ऊंची पकड़ और चांदी के जूते के बलबूते पर निर्वाचन आयोग के निर्देशों को आईना दिखाते हुए पुन: इसी बैरियर पर पदस्थ हुए हैं। इनके यहां पदस्थ होने के बाद से जो कुछ खेल वैरियर पर खेला जा रहा है, वह किसी से दबा छुपा नहीं है। मध्यप्रदेश और राजस्थान बोर्डर पर स्थित खरई आरटीओ वैरियर पर वाहन चालकों से आपराधिक अंदाज में अवैध वसूली का खेल खेला जा रहा है। इस काले खेल को अंजाम देने के लिए वैरियर प्रभारी शशि भारद्वाज द्वारा लगभग आधा दर्जन से अधिक कटरों को बाहर के जिलों से लाकर वैरियर पर बकायदा नौकरी पर रखा जाकर इनसे अवैध वसूली करवाई जा रही है। जो वाहन चालक जहां पर अवैध वसूली नहीं देता है उसका चालान काटे जाने का खौफ दिखाते हुए उसे कई प्रकार की धमकियां भी दी जाती है।
अवैध वसूली की कहानी वाहन चालक की जुबानी
अस्ती कुमार जो कि एलपीजी गैस वाहन का चालक है। वह गतरोज गैस वाहन को गुजरात से लेकर झांसी की ओर जा रहा था। इसका वाहन जब खरई वैरियर पर पहुंचा तो यहां पहले उनके वाहन की 120 रूपए की कांटा पर्ची काटी गई। कांटा पर्ची कटने के बाद जब वाहन चालक ने यहां से आगे की ओर जाने का प्रयास किया तो इसके वाहन को वैरियर पर तैनात कटरों ने रोक लिया और वाहन चालक से कहा कि पहले अपने वाहन के कागजों की जांच कराओ इसके बाद ही तुम्हारी गाड़ी आगे जा पाएगी। वाहन चालक अस्ती कुमार जब आरटीओ वैरियर पर अपनी गाड़ी के दस्तावेज लेकर पहुंचा तो वहां अंदर बैठे व्यक्तियों ने उससे अवैध वसूली के तौर पर 1000 रूपयों की मांग की। जब वाहन चालक ने इन्हें 1000 रूपए देने से इंकार किया तो उन्होंने वाहन चालक को धमकाते हुए अंदाज में कहा कि अगर उक्त राशि नहीं देगा तो उसके वाहन का 5 हजार रूपए का चालान काट दिया जाएगा। वाहन चालक अस्ती कुमार अवैध वसूली के 1000 रूपए देने के लिए तैयार नहीं हुआ उसने 5000 रूपए का चालान कटवाना उचित समझा। वाहन चालक का कहना था कि आप चालान काट दो लेकिन वह अवैध वसूली के 1000 रूपए नहीं देगा। क्योंकि अगर चालान काटा जाएगा तो वह रसीद दिखाकर अपने मालिक से 5000 रूपए ले लेगा, लेकिन अवैध वसूली वाले 1 हजार रूपए की उसे कोई रसीद प्राप्त नहीं होगी और उक्त राशि उसे अपने जेब से देना पड़ेगी। अवैध वसूली न देने और चालन कटवाने को लेकर तैयार हुए वाहन चालक की वैरियर पर मौजूद कटरों व कर्मचारियों से तीखी बहस हुई लेकिन वैरियर पर मौजूद कर्मचारी एवं कटरों ने उनका चालान नहीं काटा। बाद में चालक पर कटरों ने दबाव बनाया और उससे अवैध वसूली के तौर पर 1000 रूपए ले लिए गए। तब कहीं जाकर गैस से भरे वाहन को आगे की ओर जाने दिया।
चौतरफा रहती है कटरों की पैनी नजर
खरई वैरियर के दोनों ओर कटर बैठे रहते है जिनकी नजर वैरियर पर आने वाले हर व्यक्ति के अलावा कारों पर भी रहती है। वैरियर पर तैनात किए गए कटरों को जैसे ही कोई ऐसा व्यक्ति या वाहन जो यहां चल रही अवैध वसूली में बाधा डाल सके, आता दिखाई देता है तो वह तत्काल इसकी सूचना परिवहन विभाग के अंदर बैठे कर्मचारी एवं अन्य कटरों को कर देते है। सूचना मिलने के बाद यहां कोई व्यक्ति या कार पहुंचे उससे पूर्व ही वाहन चालकों को साईट से एक तरफ खड़ा कर दिया जाता है और अवैध वसूली रोक दी जाती है। आरटीओ वैरियर के जिस स्थान पर ट्रक चालकों से वसूली होती है उस स्थान पर भी एक से अधिक कटर वाहन चालकों पर नजर रखते है कि कहीं कोई अवैध वसूली की रिकॉडिंग तो नहीं कर रहा। इसके अलावा एक काले रंग की कार वैरियर के दोनों ओर 15 किमी के दायरे में घूमती रहती है। बताया जाता है कि इस कार में भी कटर मौजूद रहते है और उनके द्वारा भी यहीं नजर रखी जाती है कि कहीं कोई अवैध वसूली में व्यवधान तो आने वाला नहीं है।




