भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस में अब दूसरे प्रदेश के
अभ्यर्थियों का प्रवेश नहीं हो सकेगा। प्रदेश सरकार ने नियमों में परिवर्तन
कर प्रदेश के युवाओं को ज्यादा लाभ देने का फैसला किया है। हालांकि प्रदेश
सरकार ने बाहरी प्रदेश के अभ्यर्थियों को भर्ती से सीधा इंकार नहीं किया
है लेकिन भर्ती नियमों में एक ऐसा पेंच फंसाया है जिसके चलते बाहरी
अभ्यर्थियों का प्रवेश नहीं हो सकेगा।
पुलिस भर्ती नियमों में अभी तक
मध्यप्रदेश और दूसरे प्रदेशों के अभ्यर्थियों और आवेदकों के लिए लगभग एक
समान नियम थे लेकिन अब इस प्रक्रिया में बदलाव किए गए हैं। जिससे बाहरी
प्रदेशों के आवेदकों को ज्यादा लाभ ना मिले।
नए नियमों के तहत दूसरे
राज्यों के आवेदक को आरक्षण और आयु का लाभ नहीं मिलेगा.. साथ ही दूसरे
राज्यों के आवेदक का मप्र रोजगार कार्यालय में पंजीयन होना अनिर्वाय है।
यही वो दो पेंच हैं जिनके चलते बाहरी प्रदेशों के अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर
सकेंगे क्योंकि रोजगार कार्यालय में पंंजीयन कराना उनके लिए आसान नहीं
होगा।
14 हजार कांस्टेबल और 600 से ज्यादा सब इंस्पेक्टर की भर्ती करेगा। चुनावी
साल होने से सरकार भी प्रदेश के युवाओं को अपनी तरफ लाने की कोशिश में है।
ऐसे में ये नए नियम लाए गए हैं ताकि प्रदेश के युवाओं को ज्यादा से
ज्यादा मौके मिले। इसकी शुरुआत पुलिस भर्ती से की जा रही है। अभी तक पुलिस
में बाहरी युवाओं की भर्ती होती थी जिससे प्रदेश के युवाओं के अवसर कम हो
जाते थे। पर अब ऐसा होना मुश्किल होगा।
दूसरे कई राज्यों की विभिन्न सरकारी भर्तियों में अपने प्रदेश के ही
आवेदकों को ज्यादा लाभ देने के लिए नियम बने हैं पर मध्यप्रदेश में अब तक
ऐसा कोई नियम नहीं था जिसके चलते मध्यप्रदेश की भर्तियों में भी बाहरी
प्रदेश के लोग प्रवेश पा जाते थे। राजस्थान, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड,
झारखंड, हिमाचल प्रदेश, असम, उड़ीसा सहित कुछ अन्य राज्यों में ऐसे नियम
हैं जिनके तहत उनके ही प्रदेश के मूल निवासियों को लाभ मिलता है।
-किसी मान्यता प्राप्त संस्थान, बोर्ड से 10वीं पास
– आईटीआई को प्राथमिकता
– आवेदक की न्यूनतम सीमा 18 और अधिकतम आयु 25 साल
– अधिकतम उम्र सीमा में छूट सरकारी नियमों के अनुसार
– बाहरी राज्यों के आवेदकों को आरक्षण व आयु का लाभ नहीं
– बाहरी राज्यों के आवेदक का मप्र रोजगार कार्यालय में पंजीयन होना अनिर्वाय





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