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आजादी के बाद से ही महिला चिकित्सक की कमी से परेशान हैं खनियांधानावासी

आजादी के बाद से ही महिला चिकित्सक की कमी से परेशान हैं खनियांधानावासी
जिला चिकित्सालय से महिला चिकित्सक आने तैयार, प्रभारी मंत्री के आदेश की प्रतीक्षा
स्वास्थ्य सुविधाओं के हाल देख कर सिसक रहीं प्रसूताऐं
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खनियांधाना। देश को स्वतंत्र हुये 70 साल होने के वावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर मात्र खानापूर्ति की जा रही है। जिले से सबसे दूरी पर स्थित विकासखंड खनियांधाना के अन्तर्गत आने वाले 101 ग्राम पंचायतों को चिकित्सा सेवायें देने वाले सरकारी अस्पताल की हालत दयनीय है। यहां पर  पिछले कई दशकों से सरकारी अस्पताल में महिला चिकित्सक की नियुक्ति नहीं होने से क्षेत्र के लोग काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खनियांधाना में विशेषज्ञ चिकित्सकों के पांच पद स्वीकृत हैं जिसमें मात्र दो डाक्टर ही पदस्थ है इसके अलावा एक पद महिला चिकित्सक का है जिस पर आज तक कभी भी कोई नियुक्ति नहीं हुई। कभी किसी का ट्रांसफर किया भी गया लेकिन उसने ज्वाइन ही नहीं किया। महिला चिकित्सक की कमी से इस क्षेत्र की एक लाख आबादी में से आधी तो स्वास्थ्य सेवाओं से बंचित ही है। इतना बड़ा विकासखंड होने के वाबजूद प्रसूताओं की जांच के नाम पर सोनोग्राफी की सुविधा भी नहीं है प्रसव भी नर्सों के भरोसे हो रहे हैं। महिला चिकित्सक की कमी से महिलाओं को छोटी-मोटी बीमारियों के लिये भी यहां से सौ किमी दूर झांसी, शिवपुरी भागना पड़ता है। कई बार डिलेवरी में परेशानी के चलते कई महिलाओं की मौत भी हो चुकी है लेकिन इन सब के वाबजूद विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
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महिला चिकित्सक तैयार हैं आने 
वैसे तो नियुक्ति के बाद भी कोई महिला चिकित्सक खनियांधाना आने को तैयार नहीं होती हैं क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र में सेवा देने कोई नहीं आना चाहता लेकिन वर्तमान में शिवपुरी जिला चिकित्सालय में पदस्थ एक महिला चिकित्सक यहां आने को तैयार है। जानकारी के मुताबिक खनियांधाना क्षेत्र के ही एक सरकारी स्कूल के हैडमास्टर के बेटा-बहू दोनों डाक्टर हैं तथा जिला अस्पताल में पदस्थ हैं वह दोनों खनियांधाना आने के लिये तैयार हैं जिसके लिये वह सहमति भी देने तैयार हैं। पिछले दिनों खनियांधाना में आयोजित लोक कल्याण शिविर में जिला कलैक्टर के सामने भी यह मांग रखी गई थी जिस पर उन्होंने निराकरण की बात कही थी अब आज शिवपुरी आ रहे जिले के प्रभारी मंत्री तथा स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह के सामने भी यह मांग रखने की तैयारी है जिससे यहां के अस्पताल में वर्षों से चली आ रही महिला चिकित्सक की कमी दूर हो सके।
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