विकासखंड के शिक्षा विभाग की कमान संभाल रहे अधिकारियों को उनके ब्लॉक में
चलने वाले स्कूलों के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। स्थिति यह है कि यहां
के शिक्षा विभाग के अफसर ही मुख्यालय पर नहीं रूक रहे हैं। वे कार्यालयीन
समय में भी कार्यालय नहीं पहुंच रहे हैं। तो विद्यालयों का निरीक्षण करना
तो दूर की बात है। विद्यालय के नियमित निरीक्षण न होने से ऋअफसरों को कोई
खबर नहीं है। इन अफसरों को न तो शिक्षकों की पदस्थापना के संबंध में कोई
जानकारी है और न ही पढ़ाई और छात्रों की संख्या के संबंध में कोई अतापता है
लेकिन इसके बाद भी हर माह उनका वेतन कार्यालयों से उनके खातों में पहुंच
रहा है।
मुझे जानकारी नहीं, जिला शिक्षा अधिकारी ही बताएंगे
इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है। जिला शिक्षा अधिकारी ही कुछ कह पाएंगे और बता पाएंगे। विनोद गुप्ता, बीआरसीसी खनियांधाना
शिक्षकों की चल रही है युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया
अति
शेष शिक्षकों की युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया चल रही हैं शीघ्र ही शिक्षकों
की कमी से जूझ रहे विद्यालयों को शिक्षक मिल जाएंगे। भरतलाल महते, बीईओ
विकासखंड खनियांधाना
इन स्कूलों में है शिक्षकों का टोटा
खनियांधाना विकासखंड के कई विद्यालय ऐसे भी हैं जहां छात्र संख्या
अधिक है लेकिन उनको पढ़ाने वाले शिक्षकों का टोटा है। स्थिति यह है कि
विकासखंड के शासकीय मिडिल स्कूल बुकर्रा में आधा सैकड़ा से अधिक छात्र
संख्या है लेकिन उनको पढ़ाने के लिए सिर्फ एक ही शिक्षक पदस्थ है। यही
शिक्षक विद्यालय का हैड मास्टर का प्रभार संभाल रहा है और यही शिक्षक
चपरासी का कार्य भी कर रहा है।
खनियांधाना विकासखंड के स्कूलों में बच्चों व शिक्षकों की संख्या बराबर
खनियांधाना
विकासखंड में कई स्कूल ऐसे है कि जहां शिक्षक और छात्रों की संख्या का
अनुपात लगभग बराबर है। कई दफा तो तीन बच्चे ही स्कूल आते हैं तो उनको पढ़ाने
के लिए भी तीन शिक्षक।
खनियांधाना
के जन शिक्षा केंद्र गुडर के अंतर्गत आने वाले शासकीय बल्लरिया विद्यालय
में छात्र संख्या 5 है। जबकि यहां पदस्थ शिक्षकों की संख्या 2 है।
इसी
तरह सिनावलकला जन केंद् रशिक्षा के शासकीय जनकपुर स्कूल में छात्र संख्या
5 है लेकिन यहां 3 शिक्ष पदस्थ हैं। वहीं कई स्कूल ऐसे भी हैं जिनमें
शिक्षक और छात्रों की संख्या का अनुपात बराबर है।
स्थानीय अधिकारी स्कूलों का नहीं कर रहे निरीक्षण
विकासखंड के स्कूलों के न कोई निरीक्षण न कोई मॉनीटरिंग हो रही
| शिवपुरी
खनियांधाना विकासखंड के स्कूल शिक्षा विभाग के अफसरों की उदासीनता का
दंश झेल रहे हैं। शिक्षा विभाग को चलाने की जिम्मेदारी जिन अफसरों के कंधों
पर है, वे ही अफसर विकासखंड की बिगड़ी शिक्षा व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं
दे रहे है। स्थिति यह है कि न तो जिले के शिक्षा विभाग के अफसर यहां
स्कूलों की हालत जानने की जहमत उठा रहे हैं और न ही स्थानीय अधिकारी
स्कूलों में जाकर निरीक्षण कर रहे हैं। यही वजह है कि खनियांधाना के सरकारी
स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई चौपट हो रही है और स्कूल खुलने के समय में
स्कूलों में ताले लटके रहते हैं। हालात इस कदर बदतर हैं कि कई स्कूलों में
तो बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक तक नहीं हैं और कई स्कूलों में जितने
बच्चे नहीं है उससे ज्यादा शिक्षक हैं यही वजह है कि विकासखंड के स्कूल
बदइंतजामी का शिकार हो रहे हैं।
खनियाधाना क्षेत्र में स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है।





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