शिवपुरी। कल जनपद पंचायत कार्यालय में जनपद सदस्य कुसुमा आदिवासी और जनपद सीईओ रविकांत गोस्वामी के बीच हुए विवाद को लेकर पुलिस की एक पक्षीय कार्यवाही से नाराज जनपद अध्यक्ष बती आदिवासी और जनपद सदस्य कुसुमा आदिवासी धरने पर बैठ गईं हैं। उनके साथ बड़ी संख्या में आदिवासी महिलायें भी धरना दे रही हैं। उनकी मांग है कि जनपद सीईओ पर छेडख़ानी और हरिजन एक्ट का मामला दर्ज किया जाए, क्योंकि जनपद सीईओ ने उन्हें शासकीय बंगले पर बुलाकर उनके साथ छेडख़ानी की है और मामले को दबाने के लिए उन पर झूठा प्रकरण दर्ज करा दिया है। धरने पर बैठने वाले जनपद सदस्य हैं नीरज लोधी जनपद सदस्य बड़ोरा, कप्तान पाल नारई, मीना यादव काली पहाड़ी, मीरा जाटव सिरसौद, पूजा राजा चौहान सलैया।
विदित हो कि कल मंगलवार दोपहर 1 बजे करैरा जनपद कार्यालय में कुसुमा आदिवासी और सीईओ रविकांत गोस्वामी के बीच मानदेय और विकास कार्यों की राशि के भुगतान को लेकर कहासुनी हो गई। आरोप है कि इस दौरान महिला जनपद सदस्य ने सीईओ को गालियां दीं और वहां से चली गई, लेकिन कुछ देर बार वह अध्यक्ष पति हरि आदिवासी के साथ कार्यालय में आईं और दोनों ने मिलकर सीईओ रविकांत गोस्वामी की चप्पलों से मारपीट कर दी। जबकि जनपद सदस्य का कहना था कि उन्होंने कोई मारपीट नहीं की, बल्कि सीईओ ने ही उनके साथ छेडख़ानी कर जातिसूचक गालियां दी थी। इस मामले में पुलिस ने सीईओ की ओर से दोनों पर मामला दर्ज कर लिया, लेकिन छेडख़ानी का शिकार हुई कुसुमा आदिवासी का शिकायती आवेदन लेकर जांच की बात कहकर उन्हें वहां से चलता कर दिया। पुलिस के इस व्यवहार से नाराज होकर आज कुसुमा आदिवासी जनपद अध्यक्ष बती आदिवासी सहित आधा सैंकड़ा महिलाओं के साथ थाने पहुंचीं जहां उन्होंने सीईओ पर छेडख़ानी का मामला दर्ज करने की मांग की,लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया तो वह थाना परिसर में ही धरने पर ही बैठ गई। उनके समर्थन में जनपद पंचायत अध्यक्ष बतीबाई आदिवासी और जनपद सदस्य सतीश फौजी भी आ गए और उन्होंने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया।
इनका कहना है
जनपद सदस्य कुसुमा आदिवासी सीईओ पर छेड़छाड़ का आरोप लगा रही हैं जिसका आवेदन उन्होंने दिया है और इसकी जांच की जा रही है और जांच के बाद ही मामले में आगे की कार्यवाही की जाएगी।
बीपी तिवारी, एसडीओपी करैरा





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