
रात्रि में हुई भजन संध्या
सचिन मोदी , खनियांधाना , धर्म शास्त्रों के अनुसार द्वापर युग में भी कंस आदि आतताई राजाओं का अंत करने के लिए गोलोक धाम वासी भगवान कृष्ण ने भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष के रोहिणी नक्षत्र में अष्टमी तिथि की आधी रात्रि को माता देवकी के गर्भ से मथुरा में जन्म लिया तब से आज तक प्रतिवर्ष उनका जन्मदिन जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है । उसी का प्रतिरूप आज खनियाधाना में देखने को मिला जब रात के ठीक 12:00 बजे से ही मंदिरों में घंटियां बजना शुरू हो गई तथा भगवान कृष्ण के जन्म उत्सव की लोगों ने एक दूसरे को बधाइयां देना प्रारंभ कर दी दोपहर में विशाल चल समारोह प्रारंभ हुआ जो नगर के प्राचीन कृष्ण मंदिर गोविंद बिहारी मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गो से होता हुआ वापस मंदिर जी पर पहुंचा जहां पर अन्य धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुए ।
शोभायात्रा में जहां एक और युवा वर्ग जन्मोत्सव के भजनों पर डीजे की धुनों पर नृत्य करते हुए चल रहे थे वहीं दूसरी ओर एक पालकी में कृष्ण जी की प्रतिमा तथा पीछे रथ में कृष्ण का रूप लिए सुंदर बालक मुरलीधर बनकर भक्तों को आकर्षित कर रहे थे । इस शोभायात्रा में मुख्य अतिथि के रुप में बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ राघवेंद्र शर्मा पूरे चल समारोह में सात चले उनके साथ प्रहलाद सिंह यादव , सुखनंदन चौबे , वीरेंद्र सिंह यादव , त्रिलोक सिंह यादव , बृजेंद्र यादव आदि हजारों की संख्या में भक्तगण चल रहे थे ।
रात्रि मैं कौशल तिवारी द्वारा भजनों का कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया जिसका सभी लोगों ने आनंद लिया ।






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