सहारा के कार्यालय पर पन्द्रह दिनों से पड़ा ताला , कार्यकर्ताओं ने ही कराया बंद
भुगतान को परेशान हो रहे हजारों खाताधारक
खनियांधाना , छोटे-छोटे जमाकर्ताओं के डेली , मासिक तथा फिक्स डिपाजिट खाता खोलने वाली निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी सहारा इंडिया के खनियांधाना कार्यालय पर पिछले 15 दिनों से ताला लटक रहा है जिससे जहां एक और कार्यकर्ता , अभिकर्ता परेशान हो रहे हैं वही भुगतान के लिए निवेशक भी रोज चक्कर लगा रहे हैं जिसमें खास बात यह है कि निवेशकों से ज्यादा नाराजगी सहारा के कार्यकर्ताओं में है जिन्होंने भुगतान न होने पर एजेंटों ने मिलकर ही कंपनी के कार्यालय पर ताला लगा दिया है ताकि वरिष्ठ अधिकारी ध्यान दें एवं समस्याओं को सुलझाएं लेकिन आज दिन तक कोई सुनवाई नहीं होने से निराशा व्याप्त है ।
जानकारी के मुताबिक सहारा के बुरे दिनों की मार उन उपभोक्ताओं पर पड़ रही है जिन्होंने अपनी जमा पूंजी को सहारा में लगाया अब जब मैं चोर की पूरी होने और एफडी का समय पूरा हो गया तो उन्हें पैसे मिलने की बजाय परेशान किया जा रहा है इन्हीं समस्याओं से ग्रसित होकर आए दिन सहारा के खनियाधाना फ्रेंचाईजी कार्यालय में झगड़े होते रहते हैं । बताया गया है कि खनियाधाना फ्रेंचाइजी कार्यालय श्रीमती सुनीता जैन के पति मुकेश जैन चलाते हैं जो खुद एक सरकारी शिक्षक है इसके बावजूद ना ही उपभोक्ताओं की समस्या सुनी जाती हैं और ना ही कार्यकर्ताओं को पर्याप्त समय दे पाते हैं जिससे भुगतान की समस्याएं खड़ी हो रही हैं। अपनी जमा राशि को प्राप्त करने के लिए सहारा कंपनी के स्थानी कार्यालय में जब भी निवेशक जाते हैं तो वहां पर पदस्थ स्टाफ अपने हाथ खड़े कर सहारा के बुरे दिनों का हवाला देकर मामला सेवी और सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने को बता कर अपना पल्ला झाड़ने का प्रयास करते हैं जबकि कार्यकर्ताओं का कहना है कि इतने इतने संकट के बावजूद भी वरिष्ठ कार्यालय द्वारा प्रतिमाह भुगतान के लिए फंड भेजा जाता है जिसे सभी अभिकर्ताओं एवं खाताधारकों में वितरण नहीं कर फ्रेंचाईजी प्रमुख द्वारा अपने खुद के खाता धारकों को बाँट दिया जाता है जिससे समस्या हो रही है । भुगतान के मामले में हो रहे पक्षपात को देखते हुए जब अभिकर्ताओं ने फ्रेंचाईजी प्रमुख मुकेश जैन से फंड राशि की मांग की तो उन्होंने हाथ खड़े करते हुए कहा कि आप तो कार्यालय में ताला लगा दो मैं भुगतान नहीं कर सकता जिस पर सभी कार्यकर्ताओं ने मिलकर 28 सितंबर को स्थानीय बस स्टैंड थाने रोड पर स्थित सहारा कार्यालय में ताला जड़ दिया जो आज 15 दिन बाद भी जस का तस डला हुआ है । बीच में सेक्टर मैनेजर वीरेंद्र तिवारी ने खनियाधाना पहुंचकर अभिकर्ताओं को समझाने का प्रयास भी किया लेकिन कोई समाधान नहीं निकलने पर आज भी समस्या बनी हुई है
कार्यकर्ताओं का कहना कंपनी ईमानदार लेकिन संचालक कर रहे बेईमानी
सहारा में वर्षो से कार्य कर रहे अभिकर्ता नीलेश जैन , शुद्धात्म प्रकाश , सचिन मोदी , वेद प्रकाश अवधिया , मनीष , मनोज यादव , उपेंद्र चौधरी , संजय जैन , मोहन सैन , विशाखा जाटव आदि ने बताया कि उनके खाताधारकों के खाता पूरे हुए दो साल , तीन साल भी हो चुके हैं लेकिन आज तक भुगतान नहीं किया जा रहा है जबकि वरिष्ठ कार्यालय द्वारा हर माह 3 से 4 लाख रुपए फंड देने के बावजूद भी फ्रेंचाइजी प्रमुख खुद अपने ही ग्राहकों को वह फंड बांट देते हैं जिससे आज समस्या खड़ी हो रही है ऐसी स्थिति में हमने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को इस समस्या से अवगत करा कर कार्यालय में कार्य बंद करा दिया है ताकि भेदभाव पूर्ण तरीके से भुगतान न किया जा कर सभी को समान रुप से भुगतान किया जावे अन्यथा यहां का कार्यालय बंद कर किसी वरिष्ठ कार्यालय में मर्ज किया जाए ।
इनका कहना है –
खनियाधाना में स्थित सहारा कार्यालय को हर माह भुगतान के लिए फंड उपलब्ध कराया जा रहा है इसके बावजूद भी यदि समान रूप से फंड का भुगतान नहीं किया जा रहा है वह गंभीर मामला है जिसमें फ्रेंचाइजी प्रमुख की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है । जहां तक कार्यालय बंद होने का सवाल है तो मैं स्वयं एक-दो दिन में खनियांधाना पहुंचकर सभी कार्यकर्ताओं एवं जमाकर्ताओं से मुलाकात कर समस्या का समाधान करुंगा
एस. डी. सिंह
रीजनल मैनेजर , सहारा इंडिया , गुना






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