Press "Enter" to skip to content

आदि गुरु शंकराचार्य स्वयं शंकर भगवान थे: स्वामी प्रणव नंद जी महाराज आदि गुरु शंकराचार्य की एकात्मक यात्रा का करेरा नगर में हुआ भव्य स्वागत

पहुंची। एकात्मक यात्रा का स्वागत विकासखंड करैरा की ग्राम पंचायत टोडा पिछोर में ग्रामवासियों सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने किया। यात्रा का भव्य स्वागत ग्राम सिरसौद, सिरसोद चौराहा, नया आमोल, ग्राम सिल्लारपुर मेँ किया गया, यात्रा का नगर में जैसे ही प्रवेश हुआ, आई टी बी पी स्थित राम मंदिर पर नगर की सैकड़ों महिलाओं द्वारा कलश यात्रा निकालकर मुख्य मार्ग होते हुए शहर के मुख्य पुलिस चौकी स्थल पर यात्रा लाई गई। यात्रा का भव्य स्वागत पुष्पवर्षा से किया गया, पुलिस चौकी स्थित विशाल सुसज्जित पंडाल में जन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें आदि गुरु शंकराचार्य की चरण पादुकाएं प्रदेश के बाल आयोग के अध्यक्ष राघवेंद्र शर्मा ने सिर पर रख कर मंच तक लाए और विराजमान की। सर्वप्रथम पुष्प वर्षा कर आदि गुरु शंकराचार्य की चरण पादुका का बन्दन कर आरती उतारी गई। महामंडलेश्वर दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। यात्रा का नेतृत्व कर रहे परम श्रद्धेय श्री श्री 1008 श्री प्रणव नन्द जी महाराज ने जनसंवाद को संबोधित करते हुए कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य स्वयं शंकर भगवान थे। आज देश में व्याप्त कुरीतियों एवं रूढि़वादिता को खत्म करने के उद्देश्य से संपूर्ण राष्ट्रव्यापी यात्रा निकालकर जन जन को आगाह किया जा रहा है ,जिसमें जातिवाद, छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयों को उखाड़ फेंकने का संकल्प लेने की बात कही। महाराज श्री ने बताया कि आदि गुरु शंकराचार्य की 108 फुट लंबी अष्टधातु की मूर्ति की स्थापना ओमकारेश्वर में किया जा रहा है। इस अष्टधातु की मूर्ति में आप लोगों की सहभागिता हो इसलिए धातु संग्रह, जल, मिट्टी पूरे प्रदेश की एकत्रित कर आदि गुरु शंकराचार्य की स्थापना में लगाई जाएगी। इसी धातु संग्रहण करने के उद्देश्य से यह यात्रा आपके द्वार आई है। आदि गुरु शंकराचार्य की स्थापना में आप सभी का अंश लगे व उनके द्वारा किए कार्यों का प्रचार प्रसार , राष्ट्र प्रेम, का बोध आप लोगों को हो सके। यात्रा में पधारे लोगों को संबोधित करते हुए श्री श्री 1008 श्री राधे-राधे जी महाराज आदि गुरु शंकराचार्य के जीवन वृतांत का वर्णन सुनाया उन्होंने कहा आदि गुरु शंकराचार्य स्वयं शंकर भगवान अवतरित होकर आए थे ,उन्होंने 8 साल की उम्र में सभी वेदों को कंठस्थ कर लिया था। आचार्य शंकर अकेले समाज में रह सकते थे।लेकिन प्राणियों में परेशानी दिखी उसको हटाने के उद्देश्य उपनिषदों, गीता, ब्रह्मसूत्र पर भाषण लिखे। हिंदू दर्शन को नवीन जागरण का बोध कराने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इस यात्रा का आयोजन करवाया। हम संत समाज प्रदेश के मुख्यमंत्री के बहुत आभारी है। नगर पंचायत करेरा एवं जनपद करेरा की सभी ग्राम पंचायतो के सरपंचो ने अपने अपने गाव से एक एक धातु कलश भेट किया। कार्यक्रम को मछुआ बोर्ड के उपाध्यक्ष राजू बाथम ने भी सम्बोधित किया। यात्रा का स्वागत व ब्यवस्था संभाल रहे अनुबिभाग के एसडीएम अंकित अस्थाना (आई ए एस), एसडीओपी बद्री प्रसाद तिवारी, तहसीलदार नवनीत शर्मा, आर के गोस्वामी सीईओ ,सीएमओ जबर सिंह कुशवाह, सहित नगर पालिका अध्यक्ष कोमल साहू, पूर्व विधायक रमेश खटीक अरविंद बेडर, मार्केटिंग अध्यक्ष जय प्रकाश सोनी, भोगीलाल बिलेया, हेमन्त शर्मा, हरिशंकर परिहार, सतीश श्रीवास्तव,घनश्याम योगी, जेलर दिलीप नायक राजस्व निरीक्षक विनोद सोनी राकेश गुप्ता पटवारी दिलीप कुशवाहा पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रजनी साहू, श्रीमती राजकुमारी यादव, श्रीमती पूजा शर्मा, श्रीमती साधना पाठक सहित अनेक गणमान्य नागरिक, अधिकारी कर्मचारी, उपस्थित थे।

More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!