
सचिन मोदी, खनियांधाना, आचार्यश्री विद्या सागर महाराज के शिष्य ऐलकश्री 105 श्री सिध्दान्त सागर जी महाराज का चातुर्मास कलश स्थापना कार्यक्रम विभिन्न कार्यक्रमो के साथ सम्पन्न हुआ । नगर के श्री पार्श्वनाथ दिग. जैन बड़ा मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में 28 वें चातुर्मास स्थापना कार्यक्रम में स्थानीय जैन समाज के अलावा आस पास के नगरों बामौरकलां , मुहारी , चमरौआ , चन्देरी , अशोकनगर , मुगांवली , इंदौर से श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही । ऐलक श्री वर्षाकाल के चार माह तक जीव रक्षा के उद्देश्य से एक स्थान पर ही धर्मसाधना , तप , आराधना करेंगे ।
इस अवसर पर ऐलक जी ने अपने प्रवचनों में समाज में संगठन और एकता बनाये रखने पर जोर दिया तथा कहा कि जैन साधु सिर्फ किसी एक धर्म तक सीमित नही हैं बल्कि वह तो सभी जीव मात्र के कल्याण की सोचते हैं । विधि विधान के सभी कार्य ब्र. जिनेश मलैया जी इंदौर द्वारा संपन्न कराए गए ।
कार्यक्रम की शरुआत घट्यात्रा से हुई जो कि बड़े मंदिर से प्रारम्भ होकर नगर के मुख्य मार्गो से होती हुई विद्यासागर सभागार पहुँची , जिसमें सर्वप्रथम आचार्यश्री के चित्र का अनावरण किया गया । मंगलाचरण के पश्चात चातुर्मास कलशों की स्थापना की गई जिसमें प्रथम कलश नन्हेलाल राजेश कुमार जैन बामौर वाले , द्वितीय कलश गुप्तदान , तृतीय कलश वीरेंद्र कुमार ईशान कुमार मोदी , चतुर्थ कलश कुंदनलाल मनोज कुमार चौधरी तथा पंचम कलश गुप्त दान द्वारा विराजमान किए गए इसके अलावा एलर्जी के 28वें चातुर्मास के उपलक्ष में 28 शास्त्र भी उनको श्रद्धालुओं द्वारा भेंट किये गये ।






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