ग्वालियर।मरीजों को देखने के नाम पर डॉक्टर सुबह केवल राउंड लगाकर चले जाते हैं। रात को जब मरीज को दर्द हुआ और हमने गुहार लगाई तब डॉक्टर देखने पहुंचे। हमारे पास बीपीएल कार्ड है, लेकिन दवाएं बाहर से मंगवा रहे हैं। पहले बोले कि इलाज 7-8 दिन चलेगा और हमने बाहर से दवाएं मंगाने का विरोध किया तो अब डिस्चार्ज करने की बात कर रहे हैं।यह बात अरविंद सिंह निवासी दबोह ने बुधवार को जयारोग्य अस्पताल के सहायक अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र नरवरिया से कही। दरअसल अरविंद की पत्नी नगीना केआरएच में तीसरी मंजिल पर भर्ती है। डॉक्टरों ने उसे बताया कि फेफड़ों में इंफेक्शन होने के साथ ही मरीज को पथरी भी है। बीपीएल कार्ड होने के बाद भी डॉक्टर दवाएं बाहर से मंगवा रहे थे, जब आसपास के लोगों ने बताया कि इस कार्ड पर दवाएं फ्री मिलती हैं तो वह जेएएच के सहायक अधीक्षक से शिकायत करने पहुंच गया। उनके साथ ही वार्ड के कुछ अन्य मरीज भी शिकायत करने पहुंच गए। केआरएच के मेडिसिन विभाग में भर्ती ग्यासो बाई निवासी इंडौरी के बेटे लाखन सिंह ने सहायक अधीक्षक को बताया कि डॉक्टर केवल सुबह एक बार देखने आते हैं। ट्रिटमेंट को लेकर भी परिजन ने असंतोष जाहिर किया है। इसके बाद एचओडी मेडिसिन डॉ. ओपी जाटव शाम को मरीजों को देखने के लिए पहुंचे और डॉक्टरों को हिदायत दी कि बीपीएल कार्डधारकों से बाहर से दवाएं नहीं मंगवाई जाएं।
कोई दिक्कत हुई तो हम जिम्मेदार नहीं:
अरविंद सिंह ने बताया कि शाम को बड़े डॉक्टर आए थे, उन्होंने हमसे लिखवाया है कि मरीज को उपचार के दौरान कोई दिक्कत हुई तो हम जिम्मेदार नहीं है। जब हमने पूछा तो उन्होंने बस इतना बताया कि पथरी ज्वाइंट में होने के कारण बड़ी बीमारी की आशंका है, इसी वजह से लिखाया गया है। परिजन ऐसा लिखाने के बाद काफी सहमे हुए हैं, उन्हें चिंता है कि कहीं शिकायत करने के कारण मरीज का इलाज प्रभावित न हो जाए।
एक मरीज को परिजन बिना इलाज ले गएः
केआरएच के मेडिसिन विभाग से आए अटेंडेंट ने बताया कि सोमवार रात को शिवपुरी से आए रघुवीर की पत्नी मुन्नाी की हालत काफी बिगड़ गई थी। हमने काफी देखरेख की थी, कोई डॉक्टर देखने नहीं आया तो रघुवीर मंगलवार की शाम को पत्नी को डिस्चार्ज कराकर ले गया।





Be First to Comment