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मौत का रहस्य बरकरा कोचिंग के लिए निकली थी, किला तलहटी में छात्रा का शव,


ग्वालियर। सेवानगर पार्क के सामने किला तलहटी में बुधवार को मिले शव की पहचान 11वीं की छात्रा के रूप में हो गई है। छात्रा 22 दिसंबर को घर से कोचिंग के लिए निकली थी, तभी से गायब थी। उसके अपहरण का मामला इंदरगंज थाने में दर्ज हैं। शव की पहचान के बाद पिता ने कहा कि उनकी बेटी अकेली कहीं नहीं जाती थी। फिर किले पर कैसे चली गई? कुछ समझ नहीं आ रहा है। शुरूआती जांच में पुलिस को आशंका है कि किशोरी ने किले से कूदकर सुसाइड किया है। इसके बाद पुलिस हर एंगल पर जांच कर रही है। मृतका के परिवार के नजदीकी लोगों ने कुछ संदेही युवकों के नाम पुलिस को बताए हैं।सेवानगर पार्क के सामने नूरगंज इमाम बाड़ा के ऊपर (किला तलहटी) बुधवार को एक युवती का शव पुलिस को मिला था। धड़ से सिर कुछ ही दूरी पर झाड़ियों में मिला। जिसे कुत्तों ने बुरी तरह नोंच डाला था। मृतका नीला जींस व धारीदार शर्ट पहने थी। पुलिस का अनुमान था कि शव 5 से 7 दिन पुराना है। पहचान नहीं होने के कारण पुलिस ने शव को डेड हाउस में रखवा दिया था।
कपड़ों से हुई पहचान
लक्ष्मण तलैया निवासी प्रदीप त्रिपाठी गुरुवार की सुबह समाचार-पत्रों में किला तलहटी में एक युवती के शव मिलने की खबर पढ़कर ग्वालियर थाने पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें मृतका का फोटो दिखाया। मृतका के कपड़ों से प्रदीप ने शव की पहचान 17 वर्षीय बेटी शिखा के रूप में की। वह 22 दिसंबर से लापता थी। शव की पहचान होने के बाद इंदरगंज थाना पुलिस डेड हाउस पहुंच गई। किशोरी के अपहरण का मामला इंदरगंज थाने में पहले से दर्ज था। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया।
कोचिंग पढ़ने गई थी, काफी उदास थी और अलग बैठी थी
शिखा त्रिपाठी ने 70 प्रतिशत अंकों के साथ 10वीं कक्षा पास करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए 11वीं कक्षा के लिए डमी स्कूल में एडमिशन ले लिया था। 22 दिसंबर की सुबह 9 बजे कोचिंग पढ़ने के लिए घर से निकली थी, लेकिन एक घंटे बाद वह घर नहीं लौटी। कोचिंग के टीचर दिनेश शर्मा ने बताया कि शिखा कोचिंग आई थी, लेकिन काफी उदास थी और उस दिन अकेली बैठी थी।
परिवार में किसी ने नहीं डांटा
छात्रा के पिता प्रदीप त्रिपाठी व मां भी कोचिंग पढ़ाते हैं। शिखा की एक बड़ी बहन और 10 साल का छोटा भाई है। पिता का कहना है कि उनकी बेटी पढ़ने में होशियार थी। परिवार में उसे किसी ने नहीं डांटा था न ही वह किसी से नाराज थी। वह कहीं अकेली भी नहीं जाती थी। फिर किले पर कैसे पहुंच गई। उन्होंने फिलहाल किसी पर संदेह नहीं जताया है।
3 से 4 दिन पहले डांटा था
शुरूआती जांच में पुलिस के कानों तक ये बात पहुंची है कि किसी बात को लेकर परिजनों ने उसे डांटा था। इसके अलावा परिवार के नजदीकी लोगों ने कुछ संदेहियों के नाम पुलिस को बताए हैं।
हर एंगल पर जांच की जा रही है
शिखा के अपहरण का मामला 22 दिसंबर को दर्ज हुआ था। किशोरी को तलाशने के हर संभव प्रयास किए थे। छात्रा की सहेलियों से भी बात की थी। कोचिंग के टीचरों से भी पूछताछ की थी, लेकिन छात्रा का कुछ पता नहीं चला था। किला तलहटी में मिले शव की पहचान शिखा त्रिपाठी के रूप में होने के बाद हर एंगल से जांच की जा रही है। जिस हालत में शव मिला है उससे तो ऐसा लगता है कि छात्रा ने खुदकुशी की है – उमेश मिश्रा थाना प्रभारी इंदरगंज
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