शहर में सुर्खियों बना पिता-पुत्र का टेंट टेंडर मैनेज का खेल
पिछले वर्ष की तुलना में अधिक दर होने के बाद भी पीआईसी में मंजूर करने की तैयारी
शिवपुरी, 14 मार्च (ब्यूरो)। शिवपुरी शहर में आजकल नगर पालिका में टेंट टेंडर मैनेज करने का पिता-पुत्र का खेल सुर्खियां बना हुआ है और शहर के लोग अब गली, मोहल्ले और चौराहों पर अब नपा के जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाने लगे हैं, क्योंकि वर्तमान में कांग्रेस के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष नपा में मौजूद हैं, लेकिन दोनों के तालमेल में कमी के चलते भी नपा में भ्रष्टाचार को बल मिल रहा है जिसके कारण नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह अपने चहेते लोगों को लाभ पहुंचाने की दृष्टि से अधिक दरों पर नपा में कई कार्य करा चुके हैं जिसकी आंच नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह के साथ-साथ नपा उपाध्यक्ष अनिल शर्मा अन्नी पर भी आती है वहीं इस कार्यकाल के अन्य पार्षदों को भी अपने नपा के जनप्रतिनिधियों की इस करतूत का सामना वार्डों में करना पड़ता है जहां पर वार्ड की जनता उनके काम न होने से पार्षदों से कहती दिखाई देती है कि तुम्हारी नगर पालिका में तो जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है और हमारे वार्डों में कामों के लिए नपा पर पैसा नहीं है। पैसा नहीं होने की बात कई बार नपा सीएमओ रणवीर कुमार परिषद में भी बोल चुके हैं, लेकिन फिर भी नपा में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष टेंट के कार्य अधिक दरों पर धड़ल्ले से किए जा रहे हैं। ऐसा इसलिए भी किया जा रहा है, क्योंकि टेंट व्यवसायी द्वारा सीएमओ से लेकर जनप्रतिनिधियों तक सेवा शुल्क दिया जा रहा है जिसके दम पर नपा में टेंट का गौरखधंधा मजबूती से फलफूल रहा है।
टेंट व्यवसायी का टेंडर मैनेज करने का कुछ इसी तरह का मामला नपा में भी फिर से दिखाई देने लगा है। जिसका कि शिवरात्रि के दिन नपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सीएमओ ने पार्षद के साथ मिलकर जिस सिद्धेश्वर मेला का उद्घाटन किया था उसी सिद्धेश्वर मेला में टेंट के नाम पर भ्रष्टाचार की बू आने लगी है। इस टेंट के खेल में जहां पिता-पुत्र ने मिलकर टेंट टेंडर मैनेज करने का नया खेल खेला इसमें पिछले वर्ष की तुलना में दो लाख से अधिक रूपये की भी दर स्वीकृत करने की तैयारी अब नपा में पीआईसी में चल रही है। यह सारा खेल पिता पुत्र ने नपा के अधिकारियों से मिलकर खेलने का मन बना लिया है। अब देखते हैं कि पीआईसी इन पिता पुत्र को बाहर का रास्ता दिखाकर टेंट टेंडर को निरस्त करती है या मंजूर करके जनता की गाढ़ी कमाई को इन पिता पुत्र पर लुटाने का काम करेगी। नपा सूत्रों की मानें तो नपा में सिद्धेश्वर मेले के लिए रंगारंग कार्यक्रमों के लिए प्रतिवर्ष टेंट टेंडर लगाए जाते हैं। पिछले कई वर्षों से इन्हीं टेंट व्यवसायियों के द्वारा टेंट का कार्य किया जा रहा है जिसकी दरें प्रतिवर्ष दिनों दिन बढ़ती जाती हैं। ऐसा खेल नपा के अधिकारियों की जेब गर्म कर टेंट व्यवसायी द्वारा कई वर्षों से खेला जा रहा है। जैसा कि ज्ञात है कि नपा द्वारा 6 तारीख को टेंडर खरीदी और अमानत राशि जमा करने की तिथि तय की गई थी और 7 तारीख को पांच बजे तक टेंडर बॉक्स में डालना थे और पांच बजे के पश्चात उसी दिन टेंडर खोलना थे जब टेंट के टेंडर खोले गए तो उसमें पिता राकेश कुमार सहगल आकांक्षा टेंट हाउस के संचालक की दर पांच लाख पच्चीस हजार रूपये डाली गई जबकि पुत्र अंकुर सहगल लंबित टेंट हाउस संचालक ने पांच लाख 95 हजार रूपये डाली जबकि अन्य फर्मों के टेंडर रसीद तो काटी गईं, लेकिन उनके द्वारा टेंडर नहीं डाले गए जो मैनेजमेंट सिस्टम की ओर सीधे-सीधे इशारा करता है कि यह सारा खेल पिता पुत्र के द्वारा मैनेज करने के लिए खेला गया। जबकि नपा द्वारा लगाए जाने वाले सिद्धेश्वर मेले में पिछले वर्ष की तुलना में दो लाख रूपये अधिक टेंट टेंडर में पिता पुत्र को पीआईसी में मंजूर कर देने की तैयारी चल रही है। देखा जाए तो पिछले वर्ष जहां नगर पालिका ने इन्हीं टेंट व्यवसायियों से सिद्धेश्वर मेले में रंगारंग कार्यक्रमों के लिए लगभग तीन लाख पच्चीस हजार रूपये खर्च किए थे वहीं इस बार पिता पुत्र को मैनेज करने के लिए नपा ने पांच लाख पच्चीस हजार रूपये खर्च हो रहे हैँ।
इनका कहना है
होली की छुट्टी पड़ने के कारण सीएमओ से बात नहीं हो सकी है। अगर पिछले वर्ष की तुलना में दर दस प्रतिशत से अधिक है तो टेंडर निरस्त करने के लिए सीएमओ को पत्र लिखूंगा। नपा का पैसा गरीब जनता का है इसे व्यर्थ बर्बाद नहीं होने दूंगा।
अनिल शर्मा अन्नी उपाध्यक्ष नपा शिवपुरी
सिद्धेश्वर मेले के लिए दो टेंडर प्राप्त हुए हैं जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में दर तो अधिक आई है जिसे पीआईसी में स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा तभी कार्य करने का अनुबंध और आदेश दिया जाएगा। अगर पीआईसी टेंडर निरस्त करती है तो पुन: टेंडर बुलाए जाएंगे।
पूरन कुशवाह प्रभारी राजस्व अधिकारी नपा शिवपुरी






Be First to Comment