पीएम नरेंद्र मोदी के 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने को लेकर देशभर में हड़कंप मचा हुआ है. बैंक और एटीएम के बाहर लंबी लाइनें हैं. एटीएम के बाहर लंबी लाइन का मुख्य कारण 20 हजार से भी कम एटीएम से रुपए निकल पाना रहा. नोटबंदी की घोषणा पीएम नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर की रात की. इसके बाद 10 नवंबर से बैंक और एटीएम लोगों के लिए खुल गए.

बड़े नोट बंद करने की वजह से एटीएम मशीनों को 100 रुपए के नोट निकलने लायक बनाने का काम अटक गया. देश के 10 फीसदी एटीएम में 100 रुपए के नोट भी निकल सकें, इसके लिए मशीनों को तैयार किए जाने का काम किया जाना था.
आरबीआई ने 2 नवंबर के अपने नोटिफिकेशन में कहा था कि सभी बैंक यह सुनिश्चित करें कि उनके 10 फीसदी बैंकों से 100 रुपए के नोट भी निकल सकें. इसके लिए 15 का वक्त निर्धारित था. आरबीआई ने बैंकों की लिस्ट भी भेजने को कहा था.
एटीएम को 100 रुपए के नोट निकलने लायक बनाने की मियाद 17 नवंबर तक थी. इस बीच 8 नवंबर को नोटबंदी का आदेश पीएम की ओर से आ गया. इसके बाद सभी बैंक एटीएम 500 और 2000 रुपए के नोट के मुताबिक एटीएम मशीनों को तैयार करने में लग गए और एटीएम को छोटे नोट निकालने लायक बनाने का काम लटक गया.
एटीएम के बाहर भीड़ लगने की एक बड़ी वजह यह भी थी कि देश में छोटे नोट निकाल पाने में सक्षम एटीएम की तादाद कुल एटीएम के 10 फीसदी से भी कम थी. यह बाद आरबीआई के नोटिफिकेशन से साफ हो जाती है.
आरबीआई के मुताबिक जुलाई, 2016 तक देशभर में कुल दो लाख, एक हजार और आठ सौ इकसठ (2,01,861) बैंक एटीएम हैं. इनमें से एक लाख, तीन हजार और दौ सौ बयासी (1,03,282) एटीएम ऑन साइट और अठानवें हजार, पांच सौ और उनसठ (98,579) एटीएम ऑफ साइड हैं. इस आंकड़े के मुताबिक एटीएम मशीनों को ठीक करने के बाद कुल 20 हजार मशीनों से ही 100 रुपए के नोट निकल सकते थे. साफ है 10 नवंबर के बाद देशभर में 20 हजार से भी कम एटीएम से लोग रुपए निकाल रहे थे.





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