शिवपुरी। बदरवास के शासकीय अनुसूचित बालक उत्कृष्ट छात्रवास में विगत माह बदरवास तहसीलदार द्वारा निरीक्षण किया। इसके बाद कोलारस एसडीएम आरए प्रजापति द्वारा छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें यह पता लगा कि छात्रावास के शौचालय बंद रहते हैं और बच्चे बाहर खुले में शौच के लिए जाते हैं। तत्समय एसडीएम द्वारा जांच प्रतिवेदन तैयार कर कलेक्टर को बेचने की बात कही थी, लेकिन आये दिन तक कोई कार्यवाही न होने के चलते आज छात्रावास के छात्र जिला मुख्यालय शिवपुरी पर आदिम जाति जिला संयोजक सिवाली तिवारी से मिले और उन्हें एक शिकायती आवेदन दिया। इस दौरान छात्रों ने बताया कि छात्रावास में उनके लिए पानी की व्यवस्था नहीं है, खाने के लिए थाली नहीं दी जाती, पानी के लिए मटका एवं ठंड में सोने के लिए कंबल उपलब्ध नहीं है। बच्चों ने बताया कि जब सामान बारे में वे छात्रावास अधीक्षक को बताते हैं तो वह हॉस्टल से बाहर निकालने की धमकी देते हैं, साथ ही अभद्रता भी करते हैं। छात्रों ने छात्रावास अधीक्षक के खिलाफ कठोर कार्यवाही करने की गुहार लगाते हुए सभी सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की है।
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अधीक्षक ने स्वच्छता अभियान को लगाया पलीता
पूरे देश में स्वच्छ भारत अभियान चलाया जा रहा है जिसका उद्देश्य देश को खुले में शौच मुक्त कराना है, वहीं दूसरी शासन के ही नुमाइंदों द्वारा इस अभियान को पलीता लगाया जा रहा है। ऐसा ही मामला विगत दिवस बदरवास के छात्रावास में देखने को मिला, जहां शौचालय होने के बाद भी छात्र खुले में शौच के लिए जाते हैं। बच्चों ने बताया कि शौचालय को अधीक्षक द्वारा लॉक करा दिया गया है और उनसे अधीक्षक यह कहता है कि तुम कुछ नहीं जाते शौचालयों को गंदा करोगो इसलिए बाहर जाओ।
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इनका कहना है
25 दिन से छात्रावास में पानी नहीं है, एक किमी. दूर से पानी लाना पड़ता है। यदि कोई बच्चा पानी नहीं भर पाया तो रात में प्यासा ही सोयेगा। शौच के लिए बाहर जाना पड़ता है रात्रि में जहरीले जानवरों के काटने का भी डर रहता है। अधीक्षक कहते हैं कि तुम्हारे के लिए शौचालय का अधिकार ही नहीं है, तुम क्या उपयोग करोगे शौचालय का, तुम गंदा कर दोगे। नाश्ता में सिर्फ पोया देते हैं और खाना देते खाना हो तो खाओ नहीं तो घर जाओ। तुम्हें जहां शिकायत जहां करना है वहां करो मुझे शिकायत से डर नहीं लगता सभी को पैसा देता हूं प्रोपर।
राजेन्द्र जाटव, छात्र
-अधीक्षक बच्चों को अच्छे से खाना नहीं देता है, साथ ही बच्चों को शौच के लिए बाहर जाना पड़ता है अभी मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच करवा रहे हैं उधर अधीक्षक को वहां से तत्काल हटाकर दूसरे अधीक्षक को चार्ज दे रहे हैं।
शिवाली तिवारी, जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग






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