

खनियाधाना :— खनियाधाना से 3 किलो मीटर की दूरी पर ग्राम पंचायत पनिहारा में सुवह सुवह एक अदभुद नजारा देखने को मिला जिसमे प्राचीन हनुमान जी के मंदिर पर खड़ा 350 बर्षो पुराना बरगद का पेड़ सुवह करीब 8,30 बजे बगेर आंधी तूफान के ही अचानक बीच से बरगद का पेड़ धरासाई होने लगा तभी मंदिर पर मौजूद रमेश प्रजापति ओर शिवराज सिंह यादव शिक्षक ने यह नजारा देखते देखते बरगद का पेड़ धरासाई हो गया तो धरासाई बरगद के पेड़ की टहनियों को काटने पहुचे रमेश प्रजापति कुल्हाड़ी से टहनियों को काटते समय आजतक कुल्हाड़ी किसी ठोस चीज में लगी तो रमेश ने सोचा कि इतने पुराने बरगद के पेड़ में पथ्थर कहा से आया और रमेश पथ्थर निकलने लगा जब वह पथ्थर निकाल रहा था तो वह पथ्थर तो नही एक शनि देव की मूर्ति निकली जिसकी कोई धातू पहचान में नही आई और गांव में पता पड़ते ही पूरा गांव इकठ्ठा हो गया ओर पूजा अर्चना में लग गया जब यह खबर पानी की तरह खनियाधाना क्षेत्र में फैली तो खनियाधाना व क्षेत्र की जनता शनि देव के दर्शनों को उमड़ पड़े तभी पता पड़ा तो खनियाधाना थाना प्रभारी विजय पल सिंह जाट व तहसीलदार जनक सिंह अपूरिया मोके पर पहुचे ओर अबलोकन किया पर खनियाधाना में कुछ लोगो का कहना है कि यह सब नाटक दिखाई दे रहा है यह सब मंदिर को को हाईलाइट करने के लिये गांव बालो ने यह सब किया है इस कहानी में कहा तक सत्यता है यह तो प्रशासन की जांच के बाद कि पता लग सकता है




