
कोलारस/बदरवास। बैंकिग व्यवस्था को
सरल बनाने के उददेश्य से ग्रामीण क्षेत्र के लोगो को बैंकिग का लाभ देने
के उददेश्य से ग्रामीण क्षेत्रो में कियोस्क सेंटर खोलने का निर्णय सरकार
द्वारा लिया गया। तथा 0 प्रतिशत राशि पर बिना शुल्क के खाता खोलकर गरीब
लोगो को बैंकिग सुविधा से जोडने के उददेश्य से कियोस्क सेंटर खोले गये।
किन्तु धरातल पर आकर देखा जाये तो ग्रामीण क्षेत्रो की जगह कोलारस एवं
बदरवास में बैंक होने के बाद भी कियोस्क सेंन्टर संचालित हो रहे है। आखिर
जब शहरो में बैंक है फिर कियोस्क सेंटर खोलने का भला क्या उददेश्य बदरवास
के सालौन एवं कोलारस के बसई झाडेल दोनो स्थानो से 20 से 50 किलो मीटर की
दूरी पर होने के बाद भी उन क्षेत्रो में अभी तक कियोस्क सेन्टर न होने से
वहां के आम लोगो को 150 रूपया ब्रद्घा अवस्था पेंशन प्राप्त करने के लिए 50
रूपया किराया एवं दिनभर कियोस्क सेन्टरो पर इंतजार करना पड रहा है। ग्राम
पिपरौदा के एक दलित ने बताया कि वह कुछ दिनो पूर्व अपने रिश्तेदार एवं उसकी
पत्नि को बदरवास के एक कियोशक सेन्टर में खाता खुलवाने लाया तो खाता खोलने
के नाम पर 100 रूपये की मांग की गई तथा एक घण्टे इंतजार करने के बाद उक्त
महिला का हाथ पकड कर बार बार साफ करने के नाम पर उक्त महिला की वॉडी तक पर
हाथ उक्त कियोस्क सेन्टर के संचालक ने रख दिया जिसके बाद विवाद होने की
स्थिति में उक्त व्यक्ति बिना खाता खोले अपने घर बापिस चला गया बदनामी के
कारण उक्त व्यक्ति ने पुलिस तक में शिकायत नही की किन्तु धरातल पर आकर देखा
जाये तो पंचायतो में फर्जी भुगतान निकालना एवं महिलाओ की छेडखानी कियोस्क
सेन्टरो पर आम बात हो गई है। ग्रामीण क्षेत्र के लोग कियोस्क सेन्टर का लाभ
नही उठा पा रहे है। जबकि कोलारस एवं बदरवास में बैंक होने के बाद भी
कियोस्क सेन्टर खोलने का भला क्या लाभ जबकि दो से पांच हजार तक की आवादी
बाले गांवो में अभी तक किसी भी बैंक का कोई कियोस्क सेन्टर नही है। विशेष
रूप से खरई से लेकर निहाल देवी तक से जुडे करीब 1 सैंकडा गांवो के लोग सडके
न होने के कारण पैदल कोलारस एवं बदरवास आने को मजबूर है। सरकार की बैंकिंग
व्यवस्था को सुचारू बनाने बाली कियोस्क सेन्टर भी गांवो की जगह शहरो में
पंचायतो के फर्जी भुगतान एवं पैसा लेकर खाता खोलने तथा नोट बंदी के दौरान
खातो से लाखो रूपया फर्जी तरीके से निकालने का कार्य कियोस्क सेन्टरो पर
खुलेआम चला बर्तमान में कियोस्क सेन्टर आम लोगो की जगह पंचायतो के फर्जी
भुगतान निकालने एवं एक रूपये की फोटो कॉपी के दस रूपये बसूलने के साथ साथ
गांव की भोली भाली महिलाओ से लेकर लडकियो से फिंगर लेने के नाम पर बार बार
कपडे से हाथ साफ करना, हाथ को बार बार दबाना, महिला के नवने पर उसके गुप्त
स्थानो पर निगाह डालना, महिला के गुप्त स्थानो का मोवाईल से फोटो खींचना
कुल मिला कर कियोस्क सेन्टरो पर काम करने बाले 1500 रूपये के ऑपरेटर आम
लोगो को सुविधा देने के जगह कियोस्क सेन्टरो के नाम पर महिलाओ के साथ
छेडखानी एवं अश्लील हरकते करते है यदि कोलारस एवं बदरवास की पुलिस चाहे तो
गुप्त रूप से कार्यवाही करने पर महिलाएं कियोस्क संचालक सेन्टरो की शिकायत
करने को भी तैयार है।






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