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एकात्म यात्रा का पिछोर में हुआ भव्य स्वागत

पिछोर। जगतगुरु आदि शंकराचार्य की विचारों प्रदेश आत्मा और परमात्मा की एकरूपता पर आधारित है जिसके अनुसार परमात्मा एक ही समय में सगुण और निर्गुण दोनों ही स्वरूपों में रहता है स्मार्त संप्रदाय में आदि शंकराचार्य को शिव का अवतार माना जाता है जगतगुरु आदि शंकराचार्य की प्रतिमा स्थापित करने के लिए धातु संग्रहण एवं समाज में जन जागृति लाने के लिए निकाली जा रही है। यात्रा गुरुवार को बामोर कला खनियाधाना होते हुए पिछोर पहुंची तथा यात्रा का रास्ता में पडऩे वाले गांव में ग्रामीणों द्वारा इस यात्रा का भव्य स्वागत किया गया नगर में पहुंचते ही सरस्वती शिशु मंदिर के छात्रों द्वारा जन अभियान परिषद द्वारा एवं लिटिल एंजेल पब्लिक स्कूल के छात्रों द्वारा स्वागत किया गया इसके बाद हनुमान बाघ पर महिला मोर्चा द्वारा भव्य स्वागत किया गया तदोपरांत एकात्म यात्रा छतसाल स्टेडियम में पहुंची वहां पर बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ राघवेंद्र शर्मा ने इस अवसर पर भगवान शंकराचार्य की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म कालरी ग्राम में हुआ था जहां 4 वर्ष की आयु में उनके पिताजी का देहांत हो गया था। वह मध्य प्रदेश में चल रही जन हितेषी योजनाओं पर प्रकाश डाला एकात्म यात्रा का भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं व विभिन्न स्कूलों की छात्र छात्राओं और नगर वासियों ने पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया।

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