नई दिल्ली: डोकलाम पर चीन के दावे को भूटान ने खारिज कर दिया है. भूटान के सूत्रों ने न्यूज एंजेसी ANI से कहा कि भूटान ने कहा है कि डोकलाम चीन का नहीं है. इस मसले को लेकर सुषमा स्वराज भूटान के विदेशमंत्री से मुलाकात करेंगी. चीन ने बुधवार को डोकलाम को अपना हिस्सा बताया था. भूटान ने सड़क निर्माण को समझौते के खिलाफ बताया है. सड़क निर्माण 1988 और 1998 के समझौते के खिलाफ है. डोकलाम पर हमारा रुख साफ है. उधर, डोकलाम पर चीन की मीडिया और चीनी विदेश मंत्रालय की तरफ़ से धमकियों का सिलसिला लगातार जारी है. चीनी विदेश मंत्रालय ने इसे अपनी संप्रभुत्ता पर ख़तरा बताते हुए भारत को इस क्षेत्र से दूर रहने को कहा है.चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय सैनिकों और बुलडोज़र को पीछे हटना ही होगा.चीनी मीडिया ने तो एक कदम आगे बढ़ते हुए सीधे युद्ध की धमकी दे दी है. चाइना डेली के मुताबिक भारत और चीन के बीच संघर्ष का काउंटडाउन शुरू हो गया है.
भूटान से कोई विवाद नहीं : चीन
दरअसल, भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों को इस इलाके में सड़क बनाने से रोक दिया था. चीन ने दावा किया है कि वह अपने क्षेत्र में सड़क बना रहा है और वह विवादास्पद डोकलाम पठार से भारतीय सैनिकों की वापसी की मांग कर रहा है. भूटान का कहना है कि डोकलाम उसका क्षेत्र है लेकिन चीन उस पर अपना दावा बताता है. चीन यह भी कहता है कि इस इलाके को लेकर उसका भूटान से कोई विवाद नहीं है.
दरअसल, भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों को इस इलाके में सड़क बनाने से रोक दिया था. चीन ने दावा किया है कि वह अपने क्षेत्र में सड़क बना रहा है और वह विवादास्पद डोकलाम पठार से भारतीय सैनिकों की वापसी की मांग कर रहा है. भूटान का कहना है कि डोकलाम उसका क्षेत्र है लेकिन चीन उस पर अपना दावा बताता है. चीन यह भी कहता है कि इस इलाके को लेकर उसका भूटान से कोई विवाद नहीं है.
हर चुनौती के लिए तैयार : अरुण जेटली
उधर, राज्यसभा में रक्षामंत्री अरुण जेटली ने कहा कि भारत हर चुनौती का सामना करने में सक्षम है. हम 1962 से सबक सीखकर मजबूत हुए. 1962 से सबक लेकर 1965 और 71 में परिणाम दे चुके हैं. हमारी सेना लगातार मजबूत हो रही है. कुछ लोग हमारी संप्रभुता के खिलाफ हैं. पूर्वी और पश्चिमी दोनों सीमा पर संकट से निपटने में हम सक्षम हैं.
उधर, राज्यसभा में रक्षामंत्री अरुण जेटली ने कहा कि भारत हर चुनौती का सामना करने में सक्षम है. हम 1962 से सबक सीखकर मजबूत हुए. 1962 से सबक लेकर 1965 और 71 में परिणाम दे चुके हैं. हमारी सेना लगातार मजबूत हो रही है. कुछ लोग हमारी संप्रभुता के खिलाफ हैं. पूर्वी और पश्चिमी दोनों सीमा पर संकट से निपटने में हम सक्षम हैं.






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