
बैराड़
माखन सिंह धाकड़ – नगर पंचायत बैराड़ के वार्ड क्रमांक 10 में आंगनवाड़ी
कार्यकर्ता की नियुक्ति के लिए अध्यक्ष द्वारा मतदाता सूची, राशन कार्ड,
परिवार ID के नाम फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार करा कर नगर पंचायत अध्यक्ष
श्रीमती सुशीला दौलत सिंह रावत द्वारा अपनी पुत्रवधु नीलम रावत की नगर
पंचायत बैराड़ के वार्ड क्रमांक 10 में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पद के लिए
आवेदन सोनम रावत, पूजा चिड़ार, नीलम रावत, राजकुमारी रजक, किरण पांडे,
रश्मि गुप्ता, निवासी नगर परिषद बैराड़ के वार्ड क्रमांक 10 कालामढ़ द्वारा
अपनी नियुक्ति हेतु आवेदन किया गया आवेदन की अंतिम तिथि 25/05/2017 तक
आवेदन लिए गए जिसमें 6 आवेदन भरे गए थे नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला
दौलत सिंह रावत द्वारा अपनी पुत्रवधु नीलम रावत पत्नी सुनील रावत निवासी
नगर परिषद् बैराड़ की वार्ड क्रमांक 2 के द्वारा भी आवेदन किया गया
नियुक्ति कथन सूची तैयार कर समाप्त तक नीलम रावत वार्ड क्रमांक 2 की मतदान
सूची में क्रमांक 616 पर निवासी दर्ज है और परिवार ID समग्र क्रमांक
24625925 है नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती सुशीला रावत जोकि स्वास्थ्य एवं
महिला बाल विकास समिति नगर परिषद बैराड़ की चयन सूची की सभापति है वह पद पर
होते हुए भी अध्यक्ष श्रीमती सुशीला दौलत सिंह रावत द्वारा अपनी पुत्रवधु
की नियुक्ति कराए जाने के प्रयास में वार्ड क्रमांक 10 में फर्जी तरीके से
कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए गए हैं जिसमें परिवार ID वार्ड क्रमांक 10
मतदाता सूची में नाम जोड़ा गया है परिवार ID क्रमांक 44836728 है जवकि
अनंतिम चयन सूचि दिनांक 24/06/2017 को तथा राशन कार्ड में दिनांक 28 अगस्त
2017 को जारी हुआ है शासन द्वारा बनाई गयी डाई बर्ष पूर्व नवीन नगर पंचायत
बैराड़ में वर्तमान अध्यक्ष श्रीमती सुशीला रावत एवं सीएमओ श्री कमल किशोर
शिवहरे द्वारा नगर चायत बैराड़ में बड़े भारी पैमाने पर भ्रष्टाचार किया
तथा शासन नियम एवं निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं नगर पंचायत
बैराड़ में नगर पंचायत के गठन के ढाई वर्ष के अंदर ही सीएमओ एवं अध्यक्ष
द्वारा सारे नियमों को ताक पर रखकर मनमाने ढंग से अवैधानिक कार्य किए जा
रहे हैं नगर पंचायत बैराड़ की अध्यक्ष एवं सीएमओ द्वारा किए जा रहे
भ्रष्टाचार एवं अवैधानिक कार्य नगर पंचायत बैराड़ का निर्माण ग्राम बैराड़,
भदेरा, कलामढ़ एवं पचीपुरा को मिलाकर किया गया है उक्त चारों पंचायतों
में अध्यक्ष सीएमओ एवं ग्राम पंचायत सचिवों ने सांठगांठ कर 24 फर्जी
कर्मचारियों की भर्ती कर नगर पंचायत को सौंप दी गई है जिनमें से सभी
कर्मचारी पूर्णतय फर्जी होकर अध्यक्ष एवं सीएमओ के रिश्तेदार हैं जिनके
द्वारा कभी भी पंचायत काल में कोई नौकरी नहीं की गई है नगर पंचायत के बनने
के बाद पंचायत सचिवों, नगर परिषद अध्यक्ष तथा सीएमओ के द्वारा सांठ गांठ कर
फर्जी तरीके ग्राम पंचायतों में कर्मचारियों का भर्ती होना बताया गया है
जबकि ये सभी कर्मचारी नगर परिषद की घोषणा होने के बाद ग्राम पंचायतों के
द्वारा भर्ती किए गए हैं जिसमे मोहन सिंह रावत अध्यक्ष का पुत्र , पंकज
रावत अध्यक्ष का दामाद, राजू रावत अध्यक्ष का भतीजा, नितेश अग्रवाल सीएमओ
का भतीजा निवासी बिजावर जिला छतरपुर, राजेंद्र गर्ग सीएमओ का रिश्तेदार,
शिव सिंह रावत अध्यक्ष का भांजा, प्रभुदयाल रावत अध्यक्ष का भाई,हैं जवकि
उक्त कर्मचारियों के द्वारा कभी भी पंचायत के समय में कोई कार्य नहीं किया
गया और ना ही उन व्यक्तियों से संबंधित ग्राम पंचायतों के व्यक्ति जानते
हैं साथ ही इस बात की पुष्टि संबंधित कर्मचारियों की योग्यता संबंधित
दस्तावेजों से प्रमाणित किया जा सकता है जिन कर्मचारियों को पंचायत काल में
नौकरी पर दर्शाया गया है उस समय संबंधित कर्मचारी शिक्षा ग्रहण कर रहे थे
और ना ही उनकी उम्र शासकीय सेवा लायक थी लेकिन नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती
सुशीला दौलत सिंह रावत द्वारा अपनी पुत्र वधू की नियुक्ति कराए जाने के
प्रयास में दस्तावेजों की गई हेराफेरी की गई जो कि जांच का विषय हैं
माखन सिंह धाकड़ – नगर पंचायत बैराड़ के वार्ड क्रमांक 10 में आंगनवाड़ी
कार्यकर्ता की नियुक्ति के लिए अध्यक्ष द्वारा मतदाता सूची, राशन कार्ड,
परिवार ID के नाम फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार करा कर नगर पंचायत अध्यक्ष
श्रीमती सुशीला दौलत सिंह रावत द्वारा अपनी पुत्रवधु नीलम रावत की नगर
पंचायत बैराड़ के वार्ड क्रमांक 10 में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पद के लिए
आवेदन सोनम रावत, पूजा चिड़ार, नीलम रावत, राजकुमारी रजक, किरण पांडे,
रश्मि गुप्ता, निवासी नगर परिषद बैराड़ के वार्ड क्रमांक 10 कालामढ़ द्वारा
अपनी नियुक्ति हेतु आवेदन किया गया आवेदन की अंतिम तिथि 25/05/2017 तक
आवेदन लिए गए जिसमें 6 आवेदन भरे गए थे नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला
दौलत सिंह रावत द्वारा अपनी पुत्रवधु नीलम रावत पत्नी सुनील रावत निवासी
नगर परिषद् बैराड़ की वार्ड क्रमांक 2 के द्वारा भी आवेदन किया गया
नियुक्ति कथन सूची तैयार कर समाप्त तक नीलम रावत वार्ड क्रमांक 2 की मतदान
सूची में क्रमांक 616 पर निवासी दर्ज है और परिवार ID समग्र क्रमांक
24625925 है नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती सुशीला रावत जोकि स्वास्थ्य एवं
महिला बाल विकास समिति नगर परिषद बैराड़ की चयन सूची की सभापति है वह पद पर
होते हुए भी अध्यक्ष श्रीमती सुशीला दौलत सिंह रावत द्वारा अपनी पुत्रवधु
की नियुक्ति कराए जाने के प्रयास में वार्ड क्रमांक 10 में फर्जी तरीके से
कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए गए हैं जिसमें परिवार ID वार्ड क्रमांक 10
मतदाता सूची में नाम जोड़ा गया है परिवार ID क्रमांक 44836728 है जवकि
अनंतिम चयन सूचि दिनांक 24/06/2017 को तथा राशन कार्ड में दिनांक 28 अगस्त
2017 को जारी हुआ है शासन द्वारा बनाई गयी डाई बर्ष पूर्व नवीन नगर पंचायत
बैराड़ में वर्तमान अध्यक्ष श्रीमती सुशीला रावत एवं सीएमओ श्री कमल किशोर
शिवहरे द्वारा नगर चायत बैराड़ में बड़े भारी पैमाने पर भ्रष्टाचार किया
तथा शासन नियम एवं निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं नगर पंचायत
बैराड़ में नगर पंचायत के गठन के ढाई वर्ष के अंदर ही सीएमओ एवं अध्यक्ष
द्वारा सारे नियमों को ताक पर रखकर मनमाने ढंग से अवैधानिक कार्य किए जा
रहे हैं नगर पंचायत बैराड़ की अध्यक्ष एवं सीएमओ द्वारा किए जा रहे
भ्रष्टाचार एवं अवैधानिक कार्य नगर पंचायत बैराड़ का निर्माण ग्राम बैराड़,
भदेरा, कलामढ़ एवं पचीपुरा को मिलाकर किया गया है उक्त चारों पंचायतों
में अध्यक्ष सीएमओ एवं ग्राम पंचायत सचिवों ने सांठगांठ कर 24 फर्जी
कर्मचारियों की भर्ती कर नगर पंचायत को सौंप दी गई है जिनमें से सभी
कर्मचारी पूर्णतय फर्जी होकर अध्यक्ष एवं सीएमओ के रिश्तेदार हैं जिनके
द्वारा कभी भी पंचायत काल में कोई नौकरी नहीं की गई है नगर पंचायत के बनने
के बाद पंचायत सचिवों, नगर परिषद अध्यक्ष तथा सीएमओ के द्वारा सांठ गांठ कर
फर्जी तरीके ग्राम पंचायतों में कर्मचारियों का भर्ती होना बताया गया है
जबकि ये सभी कर्मचारी नगर परिषद की घोषणा होने के बाद ग्राम पंचायतों के
द्वारा भर्ती किए गए हैं जिसमे मोहन सिंह रावत अध्यक्ष का पुत्र , पंकज
रावत अध्यक्ष का दामाद, राजू रावत अध्यक्ष का भतीजा, नितेश अग्रवाल सीएमओ
का भतीजा निवासी बिजावर जिला छतरपुर, राजेंद्र गर्ग सीएमओ का रिश्तेदार,
शिव सिंह रावत अध्यक्ष का भांजा, प्रभुदयाल रावत अध्यक्ष का भाई,हैं जवकि
उक्त कर्मचारियों के द्वारा कभी भी पंचायत के समय में कोई कार्य नहीं किया
गया और ना ही उन व्यक्तियों से संबंधित ग्राम पंचायतों के व्यक्ति जानते
हैं साथ ही इस बात की पुष्टि संबंधित कर्मचारियों की योग्यता संबंधित
दस्तावेजों से प्रमाणित किया जा सकता है जिन कर्मचारियों को पंचायत काल में
नौकरी पर दर्शाया गया है उस समय संबंधित कर्मचारी शिक्षा ग्रहण कर रहे थे
और ना ही उनकी उम्र शासकीय सेवा लायक थी लेकिन नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती
सुशीला दौलत सिंह रावत द्वारा अपनी पुत्र वधू की नियुक्ति कराए जाने के
प्रयास में दस्तावेजों की गई हेराफेरी की गई जो कि जांच का विषय हैं






Be First to Comment