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पचीपुरा नहर मामला : भूख हड़ताल पर बैठे िकसानों ने खत्म की हड़ताल,

नवनिर्वाचित िवधायक राठखेड़ा ने िपलाया जूस, हर कार्रवाई का िदया आश्वासन
हर मरम्मत व पुनर्निर्माण की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे किसानो ने एसडीओ को बैरंग लौटाया
किसान आंदोलन को लेकर कांग्रेसियों ने रखा अपना पक्ष
िशवपुरी। नगर के तहसील कार्यालय के सामने पचीपुरा तालाब से निकली नहर की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण की मांग को लेकर सोमवार दोपहर से भूख हड़ताल पर बैठे 4 किसानों की तबीयत रात में ठंड लगने से बिगड़ गई बैराड़ तहसीलदार आशीष ऐसवाल की सूचना पर नगर के सरकारी अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर पवन गुप्ता ने मौके पर पहुँच कर बीमार हुए किसानों का स्वास्थ्य परीक्षण कर किसानों को अस्पताल में भर्ती करने की बात कही लेकिन रात में ठंड लगने से बुखार से पीड़ित पहलवान रावतए शंकर जाटव, वाइसराय धाकड़ए नंदकिशोर रावत ने अपना इलाज कराने से इंकार कर दिया। लेकिन बाद पोहरी विधायक सुरेश राठखेड़ा ने धरने पर बैठे सभी किसानों को जूस पिलाकर धरने को समाप्त किया।
किसानों के आंदोलन की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे जल संसाधन विभाग के एसडीओ बृजेश भार्गव एवन सब इंजीनियर आनंद जैन ने हड़ताली किसानों से बात कर उनके खेतों तक पानी पहुंचाने की बात कही लेकिन मौके पर मौजूद किसानों ने उनसे कहा कि आप लोग झूठ बोलते हो पिछले ढाई महीने में किसानों ने कई बार नहर मरम्मत एवं पुनर्निर्माण के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के यहां गुहार लगा चुके हैं लेकिन उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है हड़ताल पर बैठे किसानों ने घटिया निर्माण के लिए दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों पर तुरंत कार्रवाई करने की बात कही। पोहरी के पची पुरा डैम के लिए किसान जो भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं इस संबंध में पोहरी के विधायक सुरेश धाकड़ एवं सचिव मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी राकेश जैन आमोल ने जिला प्रशासन से बात की किसानों की समस्याओं के संबंध में किसानों की मांगों के संबंध में अवगत कराया और इसी कड़ी में जल संसाधन विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ओपी गुप्ता भी पूरी टीम को लेकर पोहरी के लिए रवाना हो गए हैं और वह किसानों से चर्चा कर उनकी बात को गंभीरता से सुनेंगे और जो भी किसानों की समस्या है उनका हल निकालने के लिए जो आवश्यक कदम उठाना होंगे उठाए जाएंगे। राकेश जैन ने बताया है कि पच्ची पुरा डैम के संबंध में जो भी शिकायतें हैं जो भी मांग किसानों के द्वारा की जा रही है उन मांगों के संबंध में उच्च स्तरीय जांच के लिए हम शासन को पत्र लिख रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि इसकी जांच कर संबंधित दोषियों के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए।
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