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इलेक्ट्रिक इंजन से का ट्रायल सफल, रेलवे को होगी करोड़ों की बचत,


जबलपुर। भारतीय रेल के रेलमार्ग को शतप्रतिशत विद्युतीकरण करने के लिए रेल मंत्रालय ने मिशन इलेक्ट्रिफिकेशन शुरू किया है। यह कार्य 2021 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। इसके तहत पश्चिम मध्य रेल के बाकी बचे 1313 किलोमीटर रेलमार्ग को विघुतीकृत करना बाकी है,जबलपुर मंडल के पिपरिया से जबलपुर खंड के (178 रूट किलोमीटर) का कार्य पूरा कर लिया गया है। ओएचई को 25 केवी से विद्युतीकृत करके इलेक्ट्रिक इंजन का ट्रायल 29 दिसम्बर को किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा।
लगभग 150 करोड़ रुपए वार्षिक बचत
सीआरएस ने जनवरी माह में निरीक्षण के बाद बताया था कि इटारसी से जबलपुर (245 किमी) खंड डीजल से विद्युत कर्षण में परिवर्तित हो जाएगा और इस खंड में विद्युत लोकोमोटिव से ट्रेनों का संचालन संभव हो जाएगा। इस कार्य से ईंधन में लगभग 150 करोड़ की वार्षिक बचत का अनुमान है। इसके अलावा अन्य परिचालन जैसी गाड़ियों की गति में वृद्घि, लोको बदलने में लगने वाले समय में कमी से यात्रियों का भी फायदा होगा। इस कार्य को पूरा करने में पश्चिम मध्य रेल और केन्द्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन (कोर) के अधिकारी-कर्मचारियों ने संयुक्त प्रयास किया है। पिपरिया-जबलपुर खंड का विद्युतीकरण इटारसी-मानिकपुर-इलाहाबाद विद्युतीकरण प्रोजेक्ट का भाग है।
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