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किसानों को मूल भूत सुविधायें नही, भावों में काफी गिरावट पांच रूपये का कूपन नही, रात्रि में रूकने की व्यवस्था नही व्यापारियों के गठ जोड से भाव गिरे मण्डी प्रबंधन सुसुप्त

कोलारस। भावन्तरण योजना के प्रारंभ होने के बाद व्यापारियो का गठजोड मण्डी प्रबंधन पर इस कदर हावी हो गया है कि मण्डी में उडद, सोयावीन के भाव निर्धारित मूल्य से ही बहुत नीचे स्तर पर पहुंच गये है। क्रषि उपज मण्डी कोलारस में मण्डी प्रबंधन किसानो को मूलभूत सुविधा मुहैया कराने में भी असफल सावित हो रहा है। मण्डी प्रांगण में कैन्टीन में केवल चाय की व्यवस्था है। वह भी काम चलाऊ बनाई जा रही है। जब किसान कैन्टीन में खाना के लिए जाता है। तो कैन्टीन मालिक द्वारा जबाब दिया जाता है कि कैन्टीन का अभी टेण्डर नही हुआ है। वहीं रात्री के समय किसान विश्राम ग्रह में ताला जड दिया जाता है। इस समय उपज काफी मात्रा में मण्डी में विक्रय के लिए आ रही है। जिसके चलते किसानो को रात में वहीं विश्राम करना मजबूरी हो जाती है। ठण्ड से ठिठुरते किसानो को रूकने और ओडने की कोई व्यवस्था नही है जो भी किसान है वह अपनी व्यवस्था के साथ ही माल बेचने आ रहे है। भावान्तरण के चलते किसानो का माल मण्डी में आधारित मूल्य से भी बहुत नीचे पहुंच गया है। जिसके चलते अधिकतर किसान अपना माल बाहर बेच रहे है। और मण्डी प्रबंधन द्वारा बाहर के व्यापारियो से गठजोड कर लेन देन किया जा रहा है। हालात यह रहे कि विगत दिवस उडद का भाव दो हजार तक रहा। हालात मण्डी में इस कदर बुरे हो गये है कि व्यापारी टाईम फिक्स कर किसानो का माल खरीद रहे है। आधे समय चिन्हित व्यापारी माल खरीदते है और इसके बाद अन्य व्यापारी बोली लगाने पहुंचते है जिसके चलते किसानो को उनकी फसल का पूरा दाम नही मिल पा रहा है। इन्ही कुछ कारणो से भावो में काफी गिरावट हो रही है मण्डी प्रबंधन व्यापारियो के इस अनैतिक गठ जोड को नजर अंदाज कर रहा है। जो भाजपा के लिए बहुत हानिकारक हो सकता है। किसानो की समस्याओ की सुनवाई तो जब हो सके जब मण्डी प्रबंधन और मण्डी  समिति मेें लेन देन को लेकर होने बाली तू तू मैं मैं बंद हो इसके चलते किसानो का जम कर शोषण हो रहा है। हालाकि जब तक किसी की नजर इनकी हरकतो पर नही है तब तक पूरी तरह से उदासीनता और खबर प्रकाशन के बाद दिखाने के लिए व्यवस्थाये कुछ दिनो के लिए सुचारू कर दी जाती है। इस प्रकार की समस्याओ को लेकर कई बार भारतीय किसान संघ ज्ञापन भी दे चुका है। चुकि इस समय बरिष्ठ अधिकारी उप चुनाव की तैयारियो को लेकर व्यस्थ है। इस कारण भी मण्डी के अधिकारी कर्मचारी किसानो के शोषण पर कोई ध्यान नही दे रहे है। अब यदि किसानो के साथ व्यापारी भाव संबंधी शोषण करते है या मण्डी प्रबंधन वाहरी व्यापारियो के माल क्रय करने पर प्रतिबंध नही लगाता और ठीक से कूपन और विश्राम की व्यवस्था नही होती तो भारतीय किसान संघ को आंदोलन करने पर विवश होना पडेगा। 

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इनका कहना है

विगत दिवस मैने अपनी फसल अनंतपुर से भिजवाई थी जिसका उडद भाव दो हजार मिला और सोयावीन भी बहुत कम कीमत में व्यापारियो ने लिया। मण्डी में पूरे व्यापारी बोली नही लगा रहे है। खाने के कूपन की व्यवस्था नही है। और विश्राम ग्रह भी नाम का है। 

राकेश रघुवंशी, कृषक अनंतपुर

मण्डी में रूकने की सही व्यवस्था है और फर्जी कूपन न फाडते हुये भोजन की भी सही व्यवस्था है और यदि कोई अनिमित्ता होगी तो उसे दूर करने के लिए मण्डी कर्मचारियो को कहूंगा।

राकेश गुप्ता, मण्डी उपाध्यक्ष कोलारस

यदि किसानो को व्यापारियो और मण्डी प्रबंधन के गठजोड से किसी भी प्रकार की हानि पहुंचाई जा रही है तो किसान संघ चुप नही बैठेगा। हम कई बार किसानो के हित में ज्ञापन भी अधिकारियो को दे चुके है। इस संदर्भ में शिवपुरी मण्डी में हमने किसान हित में कई बदलाव प्रशासन से मिल कर कराये है यदि कोलारस में किसानो का शोषण हो रहा है तो हम चुप नही बैठेगे। भले ही सभी जन प्रतिनिधि मौन  धारड करे रहे। हम किसानो की आवाज बुलंद करने के लिए हर समय तैयार है। 

कल्याण सिंह यादव

जिलाध्यक्ष भारतीय किसान संघ शिवपुरी

-किसान अशिक्षित है इस कारण मण्डी प्रबंधन को उसके हितो की रक्षा करना चाहिए यदि मण्डी में मूल भूत सुविधाये भी किसानो को नही मिल पा रही है तो दुख का विषय है। इस संदर्भ मैं प्रभारी मंत्री और अन्य जन प्रतिनिधियो सहित बरिष्ठ  प्रशासन को अवगत कराउंगा। 

विवेक व्यास

भाकिसं जिला सदस्य एवं सदस्यता प्रभारी कोलारस विधानसभा 

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