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गीता सिखाती है उत्कृष्ट जीवन जीने की कला: प्रो. सुरेश चंद्र शर्मा

शिवपुरी। श्रीमद्भगवत गीता हमे उत्कृष्ठ जीवन जीने की कला सिखाती है उक्त बात प्रख्यात मनीशी और गीता उद्भट् विद्वान डॉ सुरेश चंद्र शर्मा ने तथागत फाउण्डेश एवं गणेशा व्लेस्ड पब्लिक स्कूल के संयुक्त  तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता की आशंदी से कही  उनके अनुसार गीता केवल धार्मिक ग्रन्थ नही है बल्कि मानव को निम्नता से उच्चता की ओर ले जाने वाला ग्रन्थ है भगवत गीता और नैतिक शिक्षा पर बोलते हुये उन्होने कहा कि यह माता पिता की जिम्मेदारी है जब माता पिता नैतिक होंगे तो वालक भी नैतिकता से ओतप्रोत होगा उन्होने बच्चो को सार गर्भित तरीके से समझाया कि लगातार प्रयास से सफलता मिलती ही है और असफलता को देखकर हिम्मत नहीं हारना चाहिये बल्कि दुगने जोश से प्रयास करने चाहियें। उनके अनुसार जीवन के  प्रत्येक प्रष्न का समाधान गीता में निहित है । 
प्रारम्भ में कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ और तथागत फाउण्डेशन एवं स्कूल परिवार की ओर से माननीय अतिथियों का फुल माला एवं बुके देकर भावभीना स्वागत किया गया । अपने स्वागत भाशण में तथागत फाउण्डेशन के अध्यक्ष आलोक एम इंदौरिया ने कहा कि ग्लोवलाईजेशन के इस दौर में हमारे नैतिक मूल्यों पर प्रहार हुआ है और नैतिकता के क्षरण के कारण हमारे सामाजिक डाचे में गंभीर चोट पहुॅची है उन्होने कहा कि गीता इस देश का ही नही बल्कि अन्तर्राष्ट्रीय ग्रन्थ है जिसकी शिक्षा हमारे नैतिक मूल्यों को सहजने में सहायक होगा । कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पुलिस अधीक्षक श्री सुनील कुमार पाण्डेय ने कहा कि नैतिक मूल्यों का संबर्धन बहुत आवष्यक है और बच्चों को इसकी शिक्षा इसलिये जरूरी है कि यह देश भावी नागरिक है । निष्चित ही गीता के उपदेश नैतिक बल को बढाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है यह इसलिये ये उपदेश नही होते तो अर्जुन कभी युद्ध नही करता और महाभारत का नाम नही होता । अपने अध्यक्षी उदवोधन में शिवपुरी कलेक्टर श्री ओपी श्रीवास्तव ने मंच से इस कार्यक्रम की भूरी भूरी तारीफ करते हुये इसे बहुत उपयोगी बताया और बालकों से प्रष्न उत्तर के माध्यम से जाना कि वे गीता के बारे में कितना जानते है उन्होने सहज एवं सरल तरीके से उदाहरण के द्वारा गीता के नैतिकता शिक्षा के उपदेश छात्रों को बताये और वे वेहद प्रभावी रहे उन्होने कहा कि मैं और पुलिस अधीक्षक महोदय आप बच्चो के बीच पुन: आयेगें और बच्चों से उनके मन और हित की बात शेयर करेगें।
इस वेहर प्रभावी और अमिट छाप छोडने बाले कार्यक्रम का कुशल संचालन करने वाली कु. अरगावली जैन ने किया और धन्यावाद ज्ञापन विधालय की प्राचार्या नीलम गुप्ता ने किया इस अवसर पर एसडीओपी जीडी शर्मा, एसडीएम रूपेश उपाध्याय, डारेक्टर राजेश गुप्ता, आरआई अरविन्द सिकरवार, एवं एडवोकेट राहुल गंगवाल, महिपाल अरोरा, समीर गांधी, अजय सक्सैना, विनोद शर्मा सहित 40 छात्र छात्राऐं नव आरक्षक, आर्य समाज, लायंस क्लव, रोटरी क्लव और गायत्री परिवार सहित गई सामाजिक संगठनों  के गणमान्य लोग उपस्थित थे। वोक्स आयटम सम्मान से अभिभूत हुये डॉ शर्मा, इस कार्यक्रम में गीताविद् और कृशि विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ सुरेश चंन्द्र शर्मा को तथागत फाउण्डेश की ओर से  राजेन्द्र राठौर, संतोश शिवहरे,  गुप्ता जी, एचएच चौहान, दिनेश राठौर, के द्वारा शॉल श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह देकर जव सम्मानित किया तो वेहद सहज, सरल, और विनम्र डॉ सुरेश चंद्र शर्मा भावविहल हो गये । उन्होने कहा कि शिवपुरी ने जो प्रेम आत्मीयता और सम्मान मुझे दिया है मैं उसका ऋणी रहूगा । 
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