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मोहरा पंचायत विकास से होती दूर  शासन की योजनाओं से ग्रामीण नहीं, बल्कि सरपंच के करीबी हो रहे लाभान्वित

कोलारस। ग्राम पंचायतो में मनमानी नही रूक रही और सरपंच सचिव विकास की चाहे कितनी भी बात करें परन्तु ग्राम पंचायत मोहरा जो कि कोलारस से ३ किलो मीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पर विकास कहीं भी दिखाई नही दे रहा है। केन्द्र सरकार के स्वच्छ भारत अभियान की बात करें तो यहां पर गांवो में घुसने से पहले ही गंदगी का साम्राज्य दिखाई देता है। शौचालय अधुरे पडे हुये है। मध्य प्रदेश के मुखिया जहां ग्रामो में अधिक जोर दे रहे है और भारी भरकम्प बजट पंचायतो को दिया जा रहा है। परन्तु कोलारस जनपद पंचायत अंतर्गत आने बाली ग्राम पंचायत मोहरा में विकास की जगह विनाश हो रहा है। इसके चलते ग्रामीण लोग परेशान है ग्राम में शौचालय भी अधूरे है। बीते माह जिले की टीम द्वारा शौचालयो की जांच की गई थी। तब नोटिस दिया गया था ग्राम पंचायत मोहरा में शौचालय के नाम पर मनमानी सरपंच सहित रोजगार सहायक सचिव द्वारा की गई है। और भ्रष्टïचार में मिलने बाला रूपया मिल बांट कर बांट लिया जाता है। ग्राम पंचायत में विकास कहीं भी दिखाई नही देता गंदगी से लेकर अधूरे शौचालय, अधूरी कुटीरे और ब्रद्घ  लोग पेंशन के लिए भटकते यही दास्ता है ग्राम पंचायत मोहरा की जब की मोहरा पंचायत कोलारस जनपद पंचायत से मात्र 2 किलो मीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पर निर्माण कार्यो में एवं कुटीर निर्माण में यहां तक की शौचालय निर्माण में घोटाला किया गया है। पंच परमेश्वर योजना में भी मनमानी की जा रही है। गरीब लडकियो की शादी में मिलने बाली राशि तक नही दी गई है। इसमें भी सरपंच सचिव द्वारा रूपयें कमीशन के तौर पर लिए जा रहे है। ग्राम मोहरा के लोग कहते है कि सरकार जहां विकास करा रही है परन्तु वहीं यहां पर चुने हुये सरपंच सहित इन्ही के परिवार के रोजगार सहायक द्वारा नियमो को ताक पर रख कर कुटीरे अपने लोगो को दी जा रही है। जिसके चलते लोग शिकायत तक करते है। परन्तू ले देकर मामला दबा दिया जाता है। इसी तरह अधिकांश पंचायतो में मनमानी दिखाई दे रही है। स्वच्छता अभियान यहां पर आकर पूरी तरह से फैल होता हुआ दिखाई देता है। गंदगी से सडके सनी पडी है। ग्राम सभा की बैठके कागजो में कोलारस में ही बैठ कर ली जाती है। पंचो से लेकर ग्रामीण जनो को पता ही नही चलता की ग्राम सभा की बैठक कब है। जनपद पंचायत के अधिकारी निरीक्षण करने आते है। तो उनको भेंट देकर विदा कर दिया जाता है जिसकेे चलते भ्रष्टïाचार और मनमानी नही रूकती। 

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