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पिछोर मे एक सैकडा गायों के खुरों मे उपद्रवियों ने कीलें ठोकी

पिछोर मे एक सैकडा गायों के खुरों मे उपद्रवियों ने कीलें ठोकी 
पिछोर। जहॉ एक ओर जन्माष्टमी के पावन पर्व पर सारे देश मे गैया और कन्हैया को पूजा गया वही पिछोर क्षेत्र मे उपद्रवियो ने एक सैकडा गायो के खुरो मे कीले ठोककर सनसनी फैला दी है कील ठोकने बाले पापी नराधम कोई और नही यही के क्षेत्रवासी  है जिन्होने अपने खेतो की बागड न कर उसकी गायो से रखबाली करने का यह नया तरीका ढूढा है जिसके कारण पीढित गाये चार कदम भी ढग से नही चल पा रही है और जगह जगह गायो के खुरो से निकलने बाला खून उनके दर्द की दासता सुना रहा है जो गौ माता रूखा सूखा खाकर हम दूध दही माखन से परिपूर्ण करती है उसी मॉ के साथ पापियों का यह कृत्य पूर्णत: निंदनीय है आश्चर्य का विषय यह है कि जो सरकार गौ सेवक होने का दावा करती है उसी के राज्य में नित नई घटनाएॅ गायो के साथ हो रही है फिर भी शासन मूक दर्शक बनकर संवेदन हीनता का परिचय दे रही है स्थानीय स्तर पर भी शासन के नुमाइंदे इस ओर धृतराष्ट्र की तरह ऑखे बंद किये हुए बेठे है वह तो भला हो कि पिछोर के शिवपुरी रौड निवासियों का जिन्होने दर्द से कराहती लंगडाकर पैरो से खून निकलती इन गायों की ओर ध्यान दिया ओर तुरंत ही प्लासों के माध्यम से उन कीलो को खीचकर कुछ हद तक उनक दर्द को दूर किया वहीं स्थानीय गउशाला के रजनीश तिवारी से सपंर्क कर शेष गायों के उपचार आदि की शासन प्रशासन को सूचना कर व्यवस्था की अभी भी अनेक गायों के खुरों में कीलों के ठुके होने की आशंका है जिनकी जॉच की जा रही है।


क्षेत्र के किसानो की हो सकती है करतूत
आश्चर्य का विषय यह है कि यह घटना साम्प्रदायिकता से जुडी न होकर स्थानीय प्रशासन की नाकामी दर्शाता है जहॉ एक ओर प्रदेश के मुखिया बडी बडी घोषणाएॅ कर गउ संर्बधन की बात करते है वहीं कराहती गायों की चीख पुकार पिछोर क्षेत्र मं बुरी तरह गूॅज रही है जिसे कोई सुनने वाला नही है।


गउ सेवा के लिए स्थानीय निवासी आगें आये
पिछोर के एसे लोग जो किसी गउशाला या किसी अन्य संस्थान से नही जुडे उन्होने इन निरीह गायों का दर्द समझा जिसमें रामगोपाल तिवारी,शिवकुमार लिटौरिया,मुन्नालाल तिवारी,जगदीश झा,विवेकानंद दुवे,सतीश महाराज,हरीकृष्ण पाराशर,लखन सिंह चौहान दुर्गेश तिवारी,राघवेन्द्र तिवारी आदि शामिल है जिन्होने इन गायों की सेवा का जिम्मा सम्हाला। 


क्या पकडे जाएगें ये उपद्रवी 
गाय को बेरहमी से कील ठोककर उपद्रव ओर आंतक फेलाने बाले क्षेत्र के किसान या अन्य कोई हो सकते है क्या ये पकडे जाएयें गउसेवको के साथ साथ स्थानीय प्रशासन के लिए भी चुनोती का विषय है 


इनका कहना है 
आपके द्वारा मामला मेरे संज्ञान में लाया गया जल्द ही हम इन उपद्रवियों को पकडकर इन पर कठोर से कठोर कानूनी कार्यवाही की जावेगी। 
 पिछोर एस.डी.ओ.पी. अनुराग सुजानिया 

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