बदरवास।
जिले के बदरवास कस्बे में आज एक यह कहाबत चरितार्थ होती दिखी कि जाको राखे
साईयां मार सके न कोय, इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है बदरवास के चार
मासूमों ने जो भरभराकर गिरे मकान के मलवे में चार घण्टे दबे रहे। इस पूरे
घटनाक्रम में सबसे अबीज बात यह कि इनकी मां इनके लिए पूर्ण रूप से भगवान के
रूप में अपने चारों कलेजे के टुकड़ो की जान बचाई। हांलाकि इस घटना में
चारों बच्चे घायल हो गए है जिन्हें उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती
कराया गया है।
जानकारी के अनुसार सुमन पत्नि राधेश्याम बाथम उम्र 35 वर्ष अपने घर में
अपने चारों बच्चों के साथ थी पति काम पर गया हुआ था। तभी अचानक जोरदार
बारिश होने लगी। इस बारिश के दौरान अचानक मकान भरभरा कर गिर गया। जिसमें
चारों मासूम दब गए। इस घटना में सबसे बड़ी बात यह रही कि 4 माह के मासूम
छोटू को खरोच तक नहीं आई। इस घटना में 12 माह की बच्ची मानो,मनीषा उम्र 10
वर्ष और आशु उम्र 12 वर्ष को जरूर चोटे आर्ई है।
अपने चारों बच्चों के साथ थी पति काम पर गया हुआ था। तभी अचानक जोरदार
बारिश होने लगी। इस बारिश के दौरान अचानक मकान भरभरा कर गिर गया। जिसमें
चारों मासूम दब गए। इस घटना में सबसे बड़ी बात यह रही कि 4 माह के मासूम
छोटू को खरोच तक नहीं आई। इस घटना में 12 माह की बच्ची मानो,मनीषा उम्र 10
वर्ष और आशु उम्र 12 वर्ष को जरूर चोटे आर्ई है।
इस घटना में सबसे बड़ी बात यह रही कि इन मासूमों की मां दो घण्टे तक इस
मलबे को हटाती रही तब कही जाकर अपने बच्चों की जान बचा पाई। इस मामले में
सभी घायल मासूमों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
मलबे को हटाती रही तब कही जाकर अपने बच्चों की जान बचा पाई। इस मामले में
सभी घायल मासूमों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।





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