नई दिल्ली। आम उपभोक्ता अब आसानी से मोबाइल कंपनियों
के टैरिफ प्लान का पता लगा सकेंगे। साथ ही वे उनके बीच तुलना भी कर पाएंगे।
दूरसंचार नियामक ट्राई इस मामले में पारदर्शिता लाने के लिए जल्द ही अहम
कदम उठाने की तैयारी में है।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण
(ट्राई) के चेयरमैन आरएस शर्मा ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आने वाले
दिनों में उपभोक्ता ट्राई की वेबसाइट पर विभिन्न टेलीकॉम कंपनियों के
टैरिफ देख सकेंगे।
टेलीकॉम नियामक इस डाटा को अन्य सॉफ्टवेयर
निर्माताओं को इस्तेमाल करने की अनुमति भी देगा। इससे भविष्य में ऐसे डाटा
की मदद से विभिन्न कंपनियों के टैरिफ की तुलना के लिए एेप भी तैयार किया जा
सकता है।
एेप की मदद से उपभोक्ता ठीक उसी तरह अलग-अलग कंपनियों के
टैरिफ की तुलना कर सकेंगे, जैसे एयरलाइनों के किरायों और इंश्योरेंस
कंपनियों के प्लान की तुलना करते हैं। इस संबंध में ट्राई ने सभी ऑपरेटरों
को चरणबद्ध तरीके से अपने टैरिफ की जानकारी लिखित और इलेक्ट्रॉनिक रूप में
जमा कराने को कहा है।
एक अनुमान के मुताबिक, विभिन्न सर्किल में विशेष टैरिफ प्लान को मिलाकर सभी कंपनियां सालभर में करीब 24,000 दरें पेश करती हैं।
के टैरिफ प्लान का पता लगा सकेंगे। साथ ही वे उनके बीच तुलना भी कर पाएंगे।
दूरसंचार नियामक ट्राई इस मामले में पारदर्शिता लाने के लिए जल्द ही अहम
कदम उठाने की तैयारी में है।
(ट्राई) के चेयरमैन आरएस शर्मा ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आने वाले
दिनों में उपभोक्ता ट्राई की वेबसाइट पर विभिन्न टेलीकॉम कंपनियों के
टैरिफ देख सकेंगे।
टेलीकॉम नियामक इस डाटा को अन्य सॉफ्टवेयर
निर्माताओं को इस्तेमाल करने की अनुमति भी देगा। इससे भविष्य में ऐसे डाटा
की मदद से विभिन्न कंपनियों के टैरिफ की तुलना के लिए एेप भी तैयार किया जा
सकता है।
एेप की मदद से उपभोक्ता ठीक उसी तरह अलग-अलग कंपनियों के
टैरिफ की तुलना कर सकेंगे, जैसे एयरलाइनों के किरायों और इंश्योरेंस
कंपनियों के प्लान की तुलना करते हैं। इस संबंध में ट्राई ने सभी ऑपरेटरों
को चरणबद्ध तरीके से अपने टैरिफ की जानकारी लिखित और इलेक्ट्रॉनिक रूप में
जमा कराने को कहा है।
एक अनुमान के मुताबिक, विभिन्न सर्किल में विशेष टैरिफ प्लान को मिलाकर सभी कंपनियां सालभर में करीब 24,000 दरें पेश करती हैं।





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