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यूरिया खाद की काला बाजारी से लुटते किसान

भौंती। एक तरफ प्रदेश के मुखिया चुनावी मोड़ में आकर किसानों को साधने में लगे हैं वहीं क्षेत्र का किसान महंगे दामों पर यूरिया खाद लेने को मजबूर है। खुलेआम बिक रहे महंगे खाद के बावजूद कृषि महकमा,ओर प्रशासन व्यापारियों से कमीशन लेकर जुगाली कर रहा है । कस्बे में सहकारी संस्था का कार्यालय भी है और वह केवल उन्हीं किसानों को खाद देते है जो संस्था के पंजीकृत किसान हैं शेष किसान जो सहकारी संस्था के सदस्य नहीं हैं ऐसे किसान मजबूरन बाजार से महंगे दामों पर खाद ले रहे हैं । बाजार में यूरिया खाद की मांग और आपूर्ति में भारी अंतर है। यूरिया की बिक्री रेट 295 रु निर्धारित है पर बाज़ार में खाद की कमी दिखाकर व्यापारी 360 रु में बेच रहे है। किसान को यूरिया खेत में आजकल में ही देना पड़ता है इसलिए वह विना किसी हीलाहवाली के चुपचाप ले जा रहा है।

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नकली खाद की भी संभावना 

नियमानुसार खाद बेचने के लिए कृषि विभाग से अनुमति लेने का प्रावधान है लेकिन नियमो को ताक पर रखकर भौंती ओर आसपास के क्षेत्र में बेधड़क दुकानदार खाद बेच रहे है। ऐसे में क्षेत्र में नकली ओर अमानक खाद की संभावना बनजाती है क्योंकि कृषि विभाग के अधिकारी पहले ही अपना कमीशन लेकर पूरे सीजन की गारंटी दे देते है ।

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क्या कहते हैं किसान

किसान खल्कू, फूलसिंह, कल्लू, रोसन ने बताया कि हमें खाद की आज ही जरूरत है पर बाज़ार में 360 का मिल रहा है । साथ ही बोरी की रिपेकिंग कर बजन भी 50 के बजाय 45 किलो दिया जा रहा है ।हम कृषि विभाग के अफसरों से संपर्क करते हैं तो वह कभी भी फोन नही उठाते हैं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। किसान मनोज लोधी ने बताया कि हमारी फसल खराब हो जावेगी इसलिए हम तेज ही ले जा रहे है। क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन से खाद की कालाबाजारी रोकने की मांग की है।

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