
मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू ने अपने चुनावी अभियान के दौरान 23 सितंबर को इंडिया आउट कैंपेन रैली निकाली थी।
मालदीव के राष्ट्रपति चुनाव के बाद अब वहां संसदीय चुनाव में भी भारत का जिक्र हो रहा है। मालदीव में 21 अप्रैल को संसदीय चुनाव हैं। इस दौरान एक चुनावी कैंपेन में मुइज्जू ने भारतीय सैनिकों का जिक्र किया।उन्होंने लोगों को भारतीय सैनिकों के मालदीव से निकाले जाने के बारे में जानकारी दी।
12 अप्रैल को एक चुनावी बैठक के दौरान मुइज्जू ने बताया कि मालदीव से 9 अप्रैल को भारतीय सैनिकों को दूसरा बैच भी निकल चुका है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सेना का ये बैच वहां डोर्नियर विमान का संचालन करता था। मालदीव में मुइज्जू सरकार की इंडिया आउट मुहीम के तहत वहां से भारतीय सैनिकों को निकाला जा रहा है।

मालदीव में अब सैन्यकर्मियों की जगह ले रही है भारतीय टेक्निकल स्टाफ टीम
मुइज्जू ने मालदीव से भारतीय सैनिक के पहले समूह की वापसी के लिए 10 मार्च की समय सीमा तय की थी। इसके तहत 25 भारतीय सैनिकों के पहले समूह ने 11 मार्च को ही मालदीव छोड़ दिया था।
फरवरी में नई दिल्ली में हुए मालदीव और भारत के बीच समझौते में ये तय हुआ था कि सैन्य विमानों के संचालन की देखरेख के लिए मालदीव में मौजूद भारतीय सैनिकों की जगह भारत की टेक्निकल स्टाफ टीम लेगी। इसके बाद 29 मई को 26 टेक्निकल स्टाफ का पहला बैच मालदीव पहुंच गया था।

तस्वीर मालदीव में मौजूद भारतीय हेलिकॉप्टर की है। इन्हें ऑपरेट करने के लिए मालदीव में भारतीय सैनिक मौजूद हैं।
मालदीव में क्या कर रहे भारतीय सैनिक
मालदीव में करीब 88 भारतीय सैनिक हैं। ये दो हेलिकॉप्टर और एक एयरक्राफ्ट का ऑपरेशन संभालते हैं। आमतौर पर इनका इस्तेमाल रेस्क्यू या सरकारी कामों में किया जाता है। मालदीव में इंडियन हेलिकॉप्टर और एयरक्राफ्ट मानवीय सहायता और मेडिकल इमरजेंसी में वहां के लोगों की मदद करते रहें। इन ऑपरेशन को संभालने के लिए ही टेक्निकल स्टाफ भेजा गया है।
भारत ने मालदीव को 2010 और 2013 में दो हेलिकॉप्टर और 2020 में एक छोटा विमान तोहफे के तौर पर दिया था। इस पर मालदीव में काफी हंगामा हुआ। मुइज्जू के नेतृत्व में विपक्ष ने तत्कालीन राष्ट्रपति सोलिह पर ‘इंडिया फर्स्ट’ नीति अपनाने का आरोप लगाया था।





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