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हाईटेंशन तार गिरा बारातियों से भरी बस पर: 50 लोग सवार थे बस में अभी तक 6 के शव निकाले गए, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी /#उत्तरप्रदेश

गाजीपुर

गाजीपुर के मरदह में बारातियों से भरी बस जली, कई लोगों की मौत

गाजीपुर में सोमवार को 50 बारातियों से भरी बस पर हाईटेंशन तार गिर गया। इसमें बस में करंट के बाद भीषण आग लग गई। हादसे में 6 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। वहीं, आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनट में पूरी बस जलकर राख हो गई। यही नहीं, जो शव निकाले गए हैं, वह भी बुरी तरह से जल गए। उन्हें पहचान पाना मुश्किल है। हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

बस मऊ के खिरिहा खाजा से बारात लेकर महाहर धाम जा रही थी। बस में सवार लोगों को पहले करंट का तेज झटका लगा। इसके बाद बस में आग लग गई। कुछ ही सेकेंड में बस आग का गोला बन गई। किसी को बस से बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।

हादसे के बाद आस-पास के लोग आए। कुछ लोग बस से भी कूदकर बाहर आए। लेकिन, आग इतनी तेज थी कि कोई बस के नजदीक नहीं जा सका। घटना से गुस्साए लोग पुलिस पर भड़क गए। उन्होंने पथराव कर दिया। इसमें कई पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं। लोगों का कहना था कि हाईटेंशन लाइन का तार नीचे लटक रहा था, जिस वजह से हादसा हुआ।

हादसे के बाद मौके पर पहुंचे डीएम-एसपी ने लोगों को समझाया। उन्होंने कहा कि हादसे प्रशासनिक लापरवाही से हुआ है। फिलहाल, मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

घटना के वक्त बस में 50 लोग सवार थे।

घटना के वक्त बस में 50 लोग सवार थे।

शादी का कार्ड

मरने वाले सभी पिरुआ खिरिया गांव हैं। यहां के रहने वाले नंदू की बेटी खुसबू (20) की शादी गाजीपुर के माधोपुर के रहने वाले रामायन सरोज के बेटे तेजबहादुर सरोज के साथ तय हुई थी। नंदू बेटी की मंदिर से शादी के लिए घरवाले और गांव वाले जा रहे थे। तभी हादसा हो गया।

SP बोले- तार नीचे रहने के चलते हादसा हुआ

SP ओमवीर सिंह ने कहा कि ये कहीं न कहीं प्रशासनिक और बिजली विभाग की फेल्योर है। तार नीचे रहने के चलते हादसा हुआ है। बिजली विभाग ने समय रहते तार को ठीक करवाया होता तो हादसा नहीं होता।

जिंदा बची महिला ने बताया- मेरी बच्ची और ननद जल गई

बस हादसे में जिंदा बची महिला ने कहा, कई लोग जले हैं।

बस हादसे में जिंदा बची महिला ने कहा, कई लोग जले हैं।

बस हादसे में जिंदा बची महिला ने बताया कि मैं बस में गेट के पास बैठी थी। जिससे मैं नीचे उतर गई। मगर बाकी लोग नहीं उतर पाए। मेरी बच्ची भी नहीं निकल पाई। मेरी ननद भी जिंदा जल गई।


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