
50 सीटर छात्रावास में 6 बच्चे और रसोईया मिले उपस्थित
बैराड़। शिवपुरी जिले बैराड़ नगर के समीप स्थानीय 50 सीटर छात्रावास जो कि अ.ज.जा. के छात्रों के अध्ययन व आवास हेतु करोड़ों की लागत से भवन ग्राम सड़ के आदिवासी मोहल्ला में बनाया गया है पत्रकारों के दल ने जब इस स्थानीय अ.ज.जा. छात्रावास ग्राम सड़ का निरीक्षण किया गया तो वहां 4 छात्र पलंगों पर सोते हुए एवं 2 छात्र वाहर मिले।छात्र लवकुश, शिवसिंह,धारा,पुष्पराज एवं अन्य छात्रों के पूछने पर उन्होंने बताया कि हमारे अधीक्षक सर तो कभी-कभी आते हैं 1 जुलाई को आए थे मध्यप्रदेश शासन द्वारा आदिवासी छात्र छात्राओं के अध्ययन एवं पोषण पर भारी मात्रा में व्यय किया जा रहा है एक तरफ तो आदिवासी छात्रों को शासन द्वारा दिए जा रहे मद के बाद भी खाना मीनू के अनुसार नहीं मिलता है तथा अधीक्षक जिनको शासन तनख्वाह के रूप में मोटी वेतन देती है उसके बाद भी 50 छात्रों में से मात्र 6 छात्र उपस्थित पाए गए सरकार आदिवासी छात्रों के कुपोषण मिटाने हेतु आंगनवाड़ियों के माध्यम से मोटी रकम मदवार भेजती है वह आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से लेकर जिला परियोजना अधिकारी की जेव में चली जाती है ऐसा आदिवासी छात्रावासों में होता है अधीक्षक व शिक्षकों को 50 छात्रों के मान से पैसा आता है छात्रावास में छात्र रहते हैं अधिकारियों का दौरा कभी होता नहीं है उप. पंजी,व अन्य पंजियां देखने को नहीं मिली जिले में तहसीलों में बैठे भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा कभी निरीक्षण नहीं किया जाता है पंजियों को मगाकर सीन कर दिया जाता है छात्रावास भवन को मात्र 4 साल हुए हैं उसकी भी हालत खराब है अतः वरिष्ठ अधिकारी कर्मचारियों से मिलकर हकीकत को देखें जिससे नन्हे नौनिहालों का भविष्य बन सके नहीं तो इसके इरगामी परिणाम बहुत खराब होंगे।






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