
जातिपक्ष कर रहे गोवर्धन थाना प्रभारी,प्रशासन मौन
आंगनबाड़ी सहायिका मे चयनित को व उसके परिवार को अकारण किया जा रहा परेशान
बैराड़ । बैराड़ तहसील मे भष्टाचार तो चरम पर है ही लेकिन इसके साथ अधिकारियों द्वारा जातिवाद कर किसी भी प्रकरण मे जाति पक्ष करना क्रूर्ता का भी परिचय दे रहा है यदि अधिकारी भी जातिवाद कर कार्य करने लगे तो जनता को न्याय मिलना असंभव है। ऐसा ही एक प्रकरण है ग्राम श्रीपुरा का जहां आंगनबाड़ी सहायिका के लिए प्रीति पत्नी राजेश प्रजापति ग्राम श्रीपुरा तहसील बैराड का चयन हुआ था प्रीति एक शिक्षित बेरोजगार महिला है जिसने न्याय पाने हेतु श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय शिवपुरी को आवेदन दिया। उक्त आवेदन के अनुसार आंगनवाड़ी सहायिका हेतु श्रीपुरा में रिक्त पद हेतु समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर अपना आवेदन पत्र संबंधित विभाग में प्रस्तुत किया था जिसमें प्रार्थी प्रीति का चयन समिति द्वारा चयन किया जाकर सूची में प्रथम स्थान पर नाम आया था जबकि विरोधी पक्षकार महिला राजकुमारी यादव पत्नी प्रद्युम्न यादव निवासी ग्राम श्रीपुरा जिसका नाम सूची में चौथे नंबर पर था लेकिन उक्त महिला व उसके पति ने संबंधितों से सांठगांठ कर गलत तरीके से आपत्ति आवेदन पत्र में प्रीति का नाम गलत साबित किया है जिस के संबंध में प्रीति ने जिलाधीश महोदय शिवपुरी को वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने हेतु पूर्व में आवेदन पत्र दिए लेकिन न्याय न मिलने के कारण आवेदन पत्र माननीय हाई कोर्ट खंडपीठ ग्वालियर में प्रस्तुत किया गया जहां से पुनः श्रीमान जिलाधीश महोदय शिवपुरी को पुर्नविचार कर नियुक्ति आदेश प्रदान किए गए है उक्त आवेदन के अनुसार प्रीति जब श्रीमान जिलाधीश महोदय शिवपुरी के कार्यालय में तारीख पेशी पर आती है तो उक्त महिला व उसका पति और भाई बनवारी यादव जो ग्राम पंचायत श्रीपुरा का सरपंच है अपने राजनीतिक प्रभाव से प्रीति की पुन: गलत तथ्यों के आधार पर कार्यालय व थाना प्रभारी महोदय थाना गोवर्धन में शिकायत दर्ज कराई जा रही हैं जिससे प्रीति को पुलिस गोबर्धन द्वारा अकारण परेशान किया जा रहा है इसका प्रमुख कारण यह भी है कि थाना प्रभारी गोबर्धन जाती पक्ष कर रहा है साथ ही विरोधी पक्ष ने उससे सांठगांठ भी कर ली है प्रीति व उसके परिवार के सदस्यों को परेशान कर झूठे प्रकरणों में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है जबकि प्रार्थी प्रीति व उसके परिवार के सदस्य किसी प्रकार का कोई वाद-विवाद लड़ाई झगड़ा नहीं चाहते है उक्त आवेदन के अनुसार प्रीति को उक्त महिला व उसके पति एवं सरपंच द्वारा आए दिन परेशान कर करने झूठी शिकायतें करने से प्रीति काफी परेशान है इसके साथ ही प्रीति परिवार भी सहमा हुआ है आवेदन के अनुसार प्रीति का कहना है कि उक्त लोग हमारे साथ कभी भी कोई दुर्घटना घटना या किसी झूठे प्रकरण में फंसा सकते हैं आवेदन के अनुसार उक्त महिला राजकुमारी यादव उसके पति एवं उसके भाई सरपंच के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए व इनको पाबंद किया जाए। जिससे भविष्य में प्रीति व उसके परिवार को परेशान ना कर सके। इसके द्वारा भविष्य में कोई कार्यवाही की जाती है तो निष्पक्ष अधिकारी से जांच कराई जाए एवं हमारी जान माल की रक्षा की जाए। यह आवेदन पुन: पुलिस अधीक्षक महोदय शिवपुरी को दिया गया है प्रीति का कहना है विरोधी पक्ष कई बार दबाब भी बनाने का प्रयास करता रहा है और धमकी भी दी गई है कि अपनी आपत्ति वापस लेले नही तो कोई भी अनर्थ मेरे साथ करने की धमकी देता है इसके साथ मेरे ससुर को भी गोवर्धन पुलिस द्वारा अकारण उठा लिया और दबाब भी बनाया जा रहा है अब आवेदन के और प्रीति के कहने के अनुसार इस प्रकार प्रशासन जातिवाद कर व राजनीतिक प्रभावों के कारण किसी भी सामान्य व्यक्ति को परेशान किया जाऐ तो न्याय मिलना भी असंभव है इससे पूर्व भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की नौकरी को लेकर बैराड में भी नगर परिषद अध्यक्ष द्वारा फर्जीवाड़ा किया गया था। जिसमे बड़ी ही मुश्किल के साथ सफलता पाई गई ठीक उसी प्रकार का प्रकारण ग्राम श्रीपुरा का यह प्रकरण है अगर इसमे अन्याय हुआ तो जनता का प्रशासन से विश्वास उठना कोई बड़ी बात नही होगी।






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