बदरवास/ सेसई गांव में दो अज्ञात बदमाशों ने नि:संतान दंपती को टोटकों में उलझाकर गुमराह कर दिया और मौका पाते ही 1.50 लाख रु. कीमत के गहने लेकर भाग निकले। दो सप्ताह पहले की घटना की जांच कर पुलिस ने गुरुवार को अज्ञात बदमाशों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर मामला विवेचना में ले लिया है। जानकारी के मुताबिक सेसई गांव की रेखा जाटव (28) और रामदयाल जाटव (31) की शादी के आठ साल बाद भी संतान नहीं है। रेखा जाटव ने बदरवास पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि 27 नवंबर की दोपहर दो बदमाश घर आए और संतान सुख दिलाने का दावा कर टोटका करवाने लगे। टोटकों के लिए सोने-चांदी के गहने उतरवाकर कपड़ों की पोटली में बंध लिया और मंदिर की अलमारी में रखवा दिए। टोटकों में उलझाए रखा और मौका मिलते ही सोने-चांदी की पोटली लेकर भाग निकले। चोरी गए माल की कीमत 1.50 लाख रु. आंकी जा रही है।
दूसरे गांव का रास्ता पूछने के बहाने ग्रामीण को झांसे में लिया, निसंतान दंपत्ति के घर पहुंचे सेसई गांव का महाराज सिंह कुशवाह गांव के रास्ते पर खड़ा था, तभी दोनों बदमाशों ने दूसरे गांव जाने का रास्ता पूछा। इसी बहाने महाराज सिंह को बातों में उलझाकर पूछा कि आपके गांव में कोई नि:संतान दंपत्ति तो मौजूद नहीं है। महाराजसिंह को याद आया कि शादी के आठ साल बाद भी रामदयाल और रेखा जाटव को कोई संतान नहीं हुई है। महाराज सिंह अनजाने में दोनों ठगों को लेकर रामदयाल के घर लेकर पहुंच गया।
टोटका करने ग्रामीण व महिला को तिराहे पर भेजा, पति को नींबू थमा पीठ पीछे माल ले उड़े महाराज सिंह के संग दोनों ठग बदमाश आए थे, इसलिए रेखा व रामदयाल को भरोसा हो गया। टोटने शुरू करते हुए पहले रामदयाल को भेजा। रामदयाल लौटा तो रेखा व महाराज सिंह को तिराहे पर टोटका करने भेज दिया। फिर दूसरी तरफ मुंह रामदयाल को नीबू थमाकर खड़ा कर दिया। रेखा व महाराज सिंह लौटे और रामदयाल से पूछा कि दोनों कहां गए। दरअसल बदमाश गहनों की पोटली लेकर चंपत हो चुके थे। रेखा ने मंदिर की अलमारी में देखा तो गहनों की पोटली गायब थी।




