शिवपुरी: पोहरी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत छर्च क्षेत्र में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों की हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई है। कई आंगनवाड़ी केंद्र ऐसे हैं जहां वर्षों से न तो रंगाई पुताई कराई गई है और न ही बुनियादी सुविधाओं पर कोई ध्यान दिया गया। भवनों की जर्जर हालत खुद विभागीय लापरवाही की गवाही दे रही है।
जानकारी के अनुसार छर्च क्षेत्र में वर्तमान में सुपरवाइजर के रूप में कमलेश मौर्य पदस्थ हैं, जबकि पूर्व में विनीता भार्गव भी इस क्षेत्र में अपने कार्यकाल का निर्वहन कर चुकी हैं। नियमों के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर का
मुख्य दायित्व अपने अधीनस्थ आंगनवाड़ी केंद्रों की नियमित निगरानी करना, कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के कार्य की जांच करना, स्वास्थ्य, पोषण एवं प्रारंभिक शिक्षा कार्यक्रमों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना तथा अभिलेखों का सही ढंग से रखरखाव कराना होता है। लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई सुपरवाइजर अपने मुख्य कार्य और जिम्मेदारियों से दूर नजर आ रही हैं। परिणामस्वरूप आंगनवाड़ी केंद्रों पर अव्यवस्थाओं का बोलबाला है और लाभार्थियों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
छर्च क्षेत्र की 5 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए वर्ष 2024-25
में बिलौआ 1, महदेवा, हिनोतिया, लेंगड़ा,छर्च आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए राशि स्वीकृत हुई थी, उसका भी समुचित उपयोग नहीं किया गया। आरोप है कि संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सुपरवाइजर ने मिलकर राशि का दुरुपयोग किया और भवन सुधार जैसे कार्य कागजों तक सीमित रह गए। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने वर्षों से चली आ रही इस लापरवाही पर महिला एवं बाल विकास विभाग के उच्च अधिकारी कब संज्ञान लेंगे। यदि समय रहते निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई, तो बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को मिलने वाली जरूरी सुविधाएं लगातार प्रभावित होती रहेंगी।








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