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“ई-टोकन” से किसान करा सकेंगे अपने खाद को रिजर्व, ई टोकन एवं उर्वरक वितरण प्रणाली के संबंध में बैठक संपन्‍न / Shivpuri News

शिवपुरी: प्रत्येक किसान के लिए समय पर और पारदर्शी उर्वरक पहुंच सुनिश्चित करने हेतु जिले में ई टोकन एवं उर्वरक वितरण प्रणाली व्यवस्था शुरू कर दी है। यह एक डिजिटल प्रणाली है, जिसका उद्देश्य किसानों को उर्वरक प्राप्ति में होने वाली समस्याओं जैसे- लंबी कतारें, कालाबाजारी, अनियमित वितरण एवं बिचौलियों की भूमिका को समाप्त करना है। उक्‍त आशय की जानकारी गतदिवस कलेक्‍टर रवीन्‍द्र कुमार चौधरी द्वारा जिलाधीश कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित किसानों एवं पत्रकारों की बैठक में दी। इस मौके पर अपर कलेक्‍टर दिनेश चंद्र शुक्‍ला सहित अन्‍य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
कलेक्‍टर श्री चौधरी ने बताया कि इस प्रणाली के तहत किसान को पंजीयन के उपरांत उर्वरक प्राप्ति के लिए एक ई-टोकन जारी किया जाता है। इस टोकन में किसान का नाम, पंजीयन क्रमांक, उर्वरक का प्रकार एवं मात्रा, वितरण केंद्र, निर्धारित तिथि और समय अंकित होता है। टोकन एसएमएस, मोबाइल एप या वेब पोर्टल के माध्यम से प्रदान किया जाएगा। इस व्‍यवस्‍था से किसानों का उर्वरक संबंधित केंद्र पर एसएमएस पर दिए गए निश्चित समय तक रिजर्व रहेगा। यदि किसान किसी कारणवश निश्चित समय पर खाद लेने के लिए उपस्थित नहीं होता है, तो उसका पंजीयन रदद हो जाएगा, इसके बाद किसान को खाद लेने के लिए फिर से पंजीयन करना होगा।

ई-टोकन एवं उर्वरक वितरण प्रणाली में विकसित की गई प्रक्रिया

ई-टोकन एवं उर्वरक वितरण प्रणाली एक डिजिटल समाधान है। इस प्रणाली के विकास में प्रमुख चरणों में प्रथम चरण में खुदरा विक्रेता वेब / मोबाइल ऐप के माध्यम से उर्वरक की उपलब्धता की जानकारी रीयल-टाइम में अपडेट होगी। द्वितीय चरण में किसान का पंजीकरण आधार और मोबाइल नंबर के माध्यम से किया जाएगा, जिससे डिजिटल पहचान और ट्रैकिंग में आसान होगी। तृतीय चरण में किसान की भूमि की जानकारी जैसे क्षेत्रफल, फसल प्रकार आदि AgriStack से प्राप्त की जा सकेगी, जिससे उर्वरक की आवश्यकता का अनुमान लगाया जाएगा। चतुर्थ चरण में किसान द्वारा अपनी सुविधा अनुसार नजदीकी अधिकृत रिटेलर का चयन किया जाएगा, जिससे वितरण केंद्र तक पहुंच सुगम होगी। पाचवें चरण में करंट स्टॉक रिपोर्ट, डेली सेल रिपोर्ट, रिटेलर वाइज स्टॉक रिपोर्ट, रिटेलर वाइज ई टोकन रिपोर्ट की जानकारी ली जाएगी। छठवें चरण में रिटेलर मोबाइल ऐप से किसान का टोकन स्कैन होगा और उर्वरक वितरण की पुष्टि होगी। सातवें चरण में किसान को उर्वरक प्राप्ति के लिए एक डिजिटल टोकन जारी किया जाता है, जिसमें वितरण की तिथि, समय और स्थान की जानकारी होगी।
यदि किसान की भूमि AgriStack के माध्यम से पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रही है, तो किसान को आवश्‍यक प्रक्रिया अपनानी होगी। जिसमें पोर्टल पर आधार के द्वारा लॉगिन करके “ट्रस्ट/पट्टा/अन्य किसानो पंजीयन” लिंक पर क्लिक करके खुले इंटरफेस में किसान को आवश्‍यक जानकारी भरनी होगी। जानकारी भरने के बाद सत्यापन करें और सबमिट करें। किसान द्वारा सबमिट की गई भूमि की जानकारी का सत्यापन संबंधित एसडीएम / पटवारी द्वारा किया जाएगा। सत्यापन हो जाने के बाद, किसान पोर्टल पर लॉगिन कर अपनी मांग के अनुसार ई-टोकन / कूपन जनरेट कर सकता है। फिर वह नियत तिथि पर उर्वरक वितरण केंद्र से उर्वरक प्राप्त कर सकता है। कूपन जनरेट करने के बाद किसान निर्धारित वितरण केंद्र से सहज रूप से उर्वरक प्राप्त कर सकेगा।

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