शिवपुरी। पिछोर तहसील के मुहार गांव के रहने वाले मुन्नालाल जाटव ने पुलिस अधीक्षक शिवपुरी को आवेदन देकर अपने परिवार पर दर्ज की गई धारा 323 की एफआईआर को झूठा बताया है। मुन्नालाल के अनुसार तिन्धारी निवासी भागीरथ जाटव कुछ दिन पहले उसके खेत की सीमा पर स्टॉल लगाने की बात कर रहा था, जहां वह कथित तौर पर कच्ची शराब और नशे का सामान बेचना चाहता था। विरोध करने पर विवाद बढ़ गया।
आवेदन में बताया गया है कि 1 अक्टूबर की रात करीब 1:30 बजे और फिर दिन में रतनगढ़ मंदिर से लौटने के बाद भागीरथ जाटव अपने साथियों के साथ नशे में दूसरे के खेत पर बैठकर शराब पी रहा था। रोकने पर उसने मुन्नालाल के परिवार को गालियां दीं और महिलाओं से छीना-झपटी की। परिजनों ने घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया है। आरोप है कि इसके बाद उल्टा मुन्नालाल के खिलाफ ही झूठी FIR दर्ज करा दी गई।
मुन्नालाल का कहना है कि भागीरथ का बड़ा बेटा पुलिस विभाग में पदस्थ है और वह अपनी नौकरी का गलत उपयोग कर रहा है, जिसके कारण स्थानीय पुलिस भी दबाव बना रही है। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि उन पर दर्ज झूठी FIR को निरस्त कर निष्पक्ष जांच कराई जाए.







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