प्रिंस प्रजापति, शिवपुरी। नगर पालिका शिवपुरी में चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर पहले ही अव्यवस्थाओं और मूलभूत सुविधाओं के संकट से जूझ रहा है, वहीं नगर पालिका के भीतर का संघर्ष और तेज हो गया है। मंगलवार को नगर पालिका के पार्षदों ने कार्यालय परिसर में टेंट लगाकर बैठना शुरू कर दिया और सुंदरकांड का पाठ कर “नगर पालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार के विनाश और शहर के कल्याण” की कामना की। इसके साथ ही उन्होंने अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा कर दी। उन्होने कहा कि मीडिया भी 3 साल से खबरें छाप रही है और देख रही है लेकिन कोई सुनवाई नहीं है।
धरने पर बैठे पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका पिछले तीन वर्षों से भ्रष्टाचारियों के हाथों में है। हम वार्डों के सेवक हैं, जनता मूलभूत सुविधाओं के अभाव और लगातार बढ़ते भ्रष्टाचार से त्रस्त है और हमसे जवाब मांग रही है। लेकिन हम क्या जवाब दें?
पार्षदों ने नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा पर आरोप लगाते हुए कहा कि गायत्री शर्मा प्रशासन पर नियंत्रण नहीं रख पा रही हैं। उन्हें न अख़बार पढ़ना आता है, न सोशल मीडिया चलाना आता है और न ही नगर पालिका के कामकाज की समझ है। शहर लूटा जा रहा है, लेकिन अध्यक्षा उसमें संलिप्त हैं। उन्हें हटाया जाना चाहिए।
पार्षदों का कहना है कि उन्होंने प्रभारी मंत्री और जिलाध्यक्ष की बात मानी, लेकिन हालात नहीं बदले। अब हम किससे शिकायत करें? बीते तीन वर्षों में शिवपुरी शहर को नरक बना दिया गया है। नगर पालिका भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी है। हमारा आरोप गलत है तो हमारे खिलाफ कार्यवाही की जाए, और यदि सही है तो नगर पालिका अध्यक्ष, मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा इंजीनियरों के घोटालों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।







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