शिवपुरी: भारत के राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज प्रातः पोहरी थाने में नगर परिषद द्वारा एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना से ओतप्रोत रहा।
समारोह की शुरुआत सर्वप्रथम भारत माता की प्रतिमा पर तिलक लगाकर एवं माल्यार्पण कर की गई।इसके पश्चात नगर परिषद अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं नागरिकों ने एक साथ “वंदे मातरम्” गीत का सामूहिक गायन किया, जिससे पूरा थाना परिसर देशभक्ति के उल्लास से गूंज उठा।
वंदे मातरम् गीत के इतिहास, महत्व और इसकी अमर भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। वंदे मातरम् गीत महान साहित्यकार बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा वर्ष 1875 में लिखा गया था, जिसका प्रकाशन 1882 में उनके प्रसिद्ध उपन्यास “आनंदमठ” में हुआ। इस गीत को पहली बार 1896 में कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने स्वरबद्ध कर प्रस्तुत किया था। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस गीत ने देशवासियों में जोश और राष्ट्रप्रेम की लहर दौड़ा दी थी।
तत्पश्चात 1950 में संविधान सभा ने वंदे मातरम् को राष्ट्रगीत के रूप में अपनाया।
वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं बल्कि यह भारत माता के प्रति हमारी अटूट निष्ठा, बलिदान की भावना और स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा का प्रतीक है।
वंदे मातरम गीत हर भारतीय के हृदय में देशभक्ति का संचार करता है। उन्होंने कहा कि हमारे विद्यालयों में प्रतिदिन इस राष्ट्रीय गीत का गायन किया जाता है, जो नई पीढ़ी में राष्ट्र के प्रति प्रेम और सम्मान की भावना जगाने का कार्य करता है।
कार्यक्रम में नगर परिषद के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं नगरवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अंत में सभी ने एक स्वर में “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के जयघोष के साथ समारोह का समापन किया।







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