शिवपुरी में सिद्धेश्वर स्कूल का बहुप्रतीक्षित REUNION कार्यक्रम बड़े ही हर्षोल्लास और भावनाओं के माहौल में सम्पन्न हुआ। 40 वर्षों बाद पुराने साथियों का मिलन हुआ, जिसने सभी को अपने सुनहरे बचपन के दिनों में लौटा दिया।
वो गलियाँ, वो क्लासरूम, वो मासूमियत भरी हँसी — मानो वक्त थम गया हो। कभी साथ में टिफिन बाँटने वाले, होमवर्क में मदद करने वाले, और छुट्टी की घंटी बजते ही मैदान में भागने वाले वही दोस्त, आज अपने-अपने जीवन में जिम्मेदारियों का भार संभाले, लेकिन उसी अपनापन और स्नेह के साथ मिले।
इस पुनर्मिलन समारोह में विद्यालय के सम्मानित अध्यापकों —
श्री घनश्याम शर्मा, मैडम साधना सक्सेना, श्री राजेश ठाकुर, श्री गोपाल भट्ट, श्री भटनागर साहब और सर राकेश उपाध्याय का विशेष सम्मान किया गया।
शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता और सम्मान के भाव ने सभी के हृदय को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम में लगभग 25 विद्यार्थियों ने उपस्थिति दर्ज की, जिनमें कई साथी दूर-दूर से आए —
गुना से प्रोफेसर ज्योति सेंगर, मनोज रघुवंशी, दिनेश रघुवंशी;
पिछोर से कैप्टन गजेंद्र परमार, साधनाशर्मा;
ग्वालियर से LNIPE से जन सम्पर्क अधिकारी श्री तरुण तोमर;
जबलपुर से श्री अशोक शर्मा;
शिवपुरी से अनिल अवस्थी, रेखा शर्मा ( CMRISE स्कूल कोलारस), पंकज महेश्वरी, प्रवीण भार्गव, प्रदीप शर्मा दीवानशर्मा (शिक्षक),तरुण शर्मा (स्वामी विवेकानन्द स्कूल), गोपाल शर्मा (सचिव ग्राम पंचायत हातौद), दिनेश रजक, डॉ. गंगा प्रसाद कुशवाहा आदि।
38 साल बाद दोस्तों का यह मिलन केवल एक पार्टी नहीं, बल्कि भावनाओं का संगम था — जहाँ हर मुस्कान के पीछे यादों का समंदर था।
कार्यक्रम का आयोजन सिद्धेश्वर मंदिर प्रांगण में किया गया, जहाँ शिक्षकों का सम्मान संपन्न हुआ। इसके पश्चात सुखसागर होटल में मनोरंजन व भोजन का सुंदर आयोजन हुआ, जिसमें हंसी, संगीत और यादों का सिलसिला देर रात तक चलता रहा।
समारोह ने सभी को यह अहसास कराया कि समय भले ही बीत जाए, पर दोस्ती और गुरुजनों का स्नेह कभी पुराना नहीं होता।
सच ही कहा गया है —
“कुछ रिश्ते उम्र नहीं, एहसास से चलते हैं… और स्कूल के दोस्त उन्हीं में से एक हैं।”







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