शिवपुरी: इन दिनों शिवपुरी जिला भ्रष्टाचार में डूब गया है. अगर वर्ष 2025 की बात करें तो शिवपुरी जिले में एक से बढ़कर एक भ्रष्टाचार के मामले प्रकाश में आए हैं इन मामलों में कई सारे सरकारी विभाग के नाम शामिल है लेकिन अगर बात करें शिवपुरी जिले के रजिस्ट्री कार्यालय की तो पूरे जिले भर में रजिस्ट्री कार्यालय भ्रष्टाचार में डूब गए हैं इन कार्यालय में बिना लेनदेन के एक भी रजिस्ट्री का काम नहीं हो रहा है जिला मुख्यालय पर जिला कोषालय कार्यालय के पीछे संचालित रजिस्टार कार्यालय में जमकर भ्रष्टाचार चल रहा है इस कार्यालय में रजिस्ट्री करने वाले अनगिनत वकील ग्राहक से बड़ी मात्रा में पैसों का लेनदेन कर रहे हैं अभी हाल ही में कुछ महीना पहले अपना नाम न छापने की शर्त पर एक पत्रकार ने बताया है कि उसने अपने प्लॉट की रजिस्ट्री घोड़ा चौराहे के समीप पोहरी बस स्टैंड रोड पर एक वकील साहब की दुकान संचालित बनी हुई है. उन वकील साहब ने रजिस्ट्रार कार्यालय की लगभग ₹5000 फीस पहले ही पत्रकार से ले ली और जब पत्रकार ने वकील साहब से पूछा तो वकील साहब बोले की रजिस्टार कार्यालय में हजारों रुपए देना पड़ते है तब जाकर रजिस्ट्री होती है…? रजिस्ट्री वकील और रजिस्ट्रार कार्यालय का यह तो एक मामला है लेकिन प्रतिदिन ना जाने कितनी रजिस्ट्री जिले भर में हो रही है अगर एक रजिस्ट्री पर एक ग्राहक पर ₹5000 का खर्चा आ रहा है तो प्रतिदिन हो रही लगभग 5 लाख रुपए भ्रष्टाचार के रूप में वकील और रजिस्टर ऑफिस ले रहे हैं…? जिले में पांच विधानसभा है इनमें कोलारस, करैरा, पोहरी, पिछोर और शिवपुरी का नाम शामिल है और इन विधानसभाओं में रजिस्ट्री कार्यालय खुले हुए है इन रजिस्ट्री कार्यालय में प्रतिदिन सेकड़ों रजिस्ट्री जिले भर में हो रही है और इन रजिस्ट्री पर प्रत्येक ग्राहक से हजारों रुपए लिए जा रहे है इस पर जिला कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी का ध्यान नहीं है अगर कहीं इस तरह से ही प्लॉट की रजिस्ट्री में एक ग्राहक से ₹5000 का खेल चलता रहा तो आने वाले समय में रजिस्ट्री कार्यालय में रिश्वत का यह खेल बड़ा रूप ले लेगा…?








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