शिवपुरी: बैराड़ में बुधवार सुबह एक अनोखा मामला सामने आया जब खाद का टोकन न मिलने से नाराज किसान सीधे तहसीलदार दृग पाल सिंह वैश्य के घर जा पहुंचा। हालांकि हालात बिगड़ते उससे पहले ही तहसीलदार वैश्य ने संयम और समझदारी का परिचय देते हुए स्थिति को बड़ी कुशलता से संभाल लिया।
जानकारी के मुताबिक तहसीलदार बैराड़ दृग पाल सिंह वैश्य द्वारा सुबह 5 से 8 बजे तक किसानों को यूरिया खाद के टोकन वितरित किए जा रहे थे। इस दौरान कुल 1100 टोकन जारी किए गए, हर किसान को दो-दो बोरी खाद मिलने का प्रावधान था। लेकिन जब वितरण की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी थी, तभी ग्राम खटका निवासी ओमपाल बघेल अपने साथियों सहित करीब 9:19 बजे तहसीलदार दृग पाल सिंह वैश्य के आवास पर जा धमके।
बताया जाता है कि ओमपाल बिना अनुमति घर में घुस गए, उस वक्त तहसीलदार कार्यालय जाने की तैयारी कर रहे थे और उनकी पत्नी रसोई में भोजन बना रही थीं। अचानक बने इस तनावपूर्ण माहौल में भी तहसीलदार वैश्य ने न तो अपना धैर्य खोया, न ही पद की गरिमा को आंच आने दी। उन्होंने किसान को शांत स्वर में समझाया और उसकी बात सुनने के बाद खाद का टोकन दे दिया।
इसके बाद ओमपाल बघेल को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने तहसीलदार से लिखित व मौखिक रूप से माफी मांगी। दोनों पक्षों ने घटना की जानकारी थाना बैराड़ को भी दी है।
इधर, किसानों की परेशानी दूर करने के लिए प्रशासन ने 10 नवम्बर से ई-टोकन प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। अब किसान 07492-181 नंबर पर कॉल कर पंजीयन करा सकेंगे और उन्हें एसएमएस के माध्यम से खाद लेने का समय बताया जाएगा। इससे न सिर्फ लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी, बल्कि वितरण प्रक्रिया भी पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित होगी।







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