पोहरी। पोहरी क्षेत्र के शासकीय महाविद्यालय की वर्षों से लंबित समस्याओं को लेकर जनभागीदारी समिति अध्यक्ष नरोत्तम धाकड़ मारौरा की पहल आखिरकार सफल हो गई। धाकड़ द्वारा केंद्रीय मंत्री श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया जी को पत्र भेजकर बाउंड्री वॉल और बोर की गंभीर समस्याओं की जानकारी दी गई थी। इस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए सिंधिया जी ने शिवपुरी कलेक्टर को निर्देशित कर समाधान के आदेश जारी कर दिए हैं।
कॉलेज में सुरक्षा संकट, बाउंड्री वॉल निर्माण की आवश्यकता थी जरूरी
बाउंड्री वॉल न होने के कारण असामाजिक तत्व कॉलेज परिसर में प्रवेश कर जाते थे। इससे छात्र-छात्राओं में सुरक्षा को लेकर निरंतर भय की स्थिति बनी रहती थी। लंबे समय से यह समस्या छात्रों के अध्ययन में व्यवधान उत्पन्न कर रही थी।
पीने के पानी के लिए तरस रहे विद्यार्थी
कॉलेज में बोर की सुविधा न होने से छात्र-छात्राओं को पानी के लिए बाहर भटकना पड़ता था। विशेष रूप से गर्मी के दिनों में यह स्थिति और भी कष्टकारी हो जाती थी।
सिंधिया जी की तत्परता से छात्रों को राहत
धाकड़ द्वारा भेजे गए पत्र पर शीघ्रता से कार्रवाई करते हुए श्रीमंत सिंधिया जी ने शिवपुरी कलेक्टर को तुरंत निर्माण व उत्खनन संबंधी कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं और कहा कि प्रगति से अवगत कराया जाए।
जनभागीदारी अध्यक्ष का बयान
“पोहरी शासकीय कॉलेज में बाउंड्री वॉल और बोर उत्खनन की मांग को पूरा करते हुए छात्रों के हित में बड़ा कदम उठाने पर हम श्रीमंत महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया जी के आभारी हैं। वे हमेशा शिक्षा और युवा हितों को प्राथमिकता देते हैं।”
नरोत्तम धाकड़ मारौरा, जनभागीदारी अध्यक्ष
स्थानीय स्तर पर खुशी का माहौल
इस निर्णय के बाद विद्यार्थियों, अभिभावकों और कॉलेज प्रबंधन में हर्ष की लहर है। लोगों का मानना है कि कॉलेज की व्यवस्थाओं में सुधार से शिक्षा का माहौल अधिक सुरक्षित और बेहतर है
छात्राओं ने भी जताई खुशी
कॉलेज की समस्याओं को दूर करने की दिशा में उठाए गए इस कदम से छात्राओं में भी खुशी का माहौल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब उन्हें सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिलेगा।
सुहाना सिठेले ने कहा कि “बेशक यह बड़ा कदम है। बाउंड्री वॉल बनने से सुरक्षा मिलेगी और असामाजिक लोगों की आवाजाही भी रुकेगी। सिंधिया जी और नरोत्तम सर का धन्यवाद।”
रुचि धाकड ने कहा कि “गर्मियों में पीने का पानी मिलना मुश्किल हो जाता था। बोर शुरू होते ही हमारी यह तकलीफ दूर हो जाएगी। अब पढ़ाई में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।”







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