शिवपुरी: जिले की बैराड़ तहसील के ग्राम ककरई में सरकारी तालाब पर कब्जा और राशन वितरण में अनियमितता की शिकायत करने वाले आदिवासियों पर अत्याचार का मामला सामने आया है। शिकायत के अगले ही दिन आरोपियों ने आदिवासी ग्रामीणों से मारपीट कर दी।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 5 बजे ग्राम ककरई की उचित मूल्य की दुकान पर राशन लेने पहुंचे आदिवासियों से सेल्समैन पहलवान यादव, बल्लो यादव और प्रताप यादव ने विवाद किया। आरोप है कि पहलवान यादव ने पहले तो राशन दिया, फिर कुछ देर बाद वापस ले लिया। विरोध करने पर रामनिवास आदिवासी के साथ जातिसूचक शब्दों से गाली-गलौज और मारपीट की गई, जिससे उसके सिर और कंधे में चोटें आईं। पीड़ितों ने बैराड़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
यह था मामला
गौरतलब है कि घटना से एक दिन पहले ही आदिवासी ग्रामीणों ने सहरिया विकास परिषद संगठन के माध्यम से तहसीलदार दृगपाल सिंह वैश और थाना प्रभारी सुरेश शर्मा को ज्ञापन देकर शिकायत की थी कि गांव के तालाब पर कब्जा कर रास्ता बंद कर दिया गया है और सेल्समैन दो माह से राशन नहीं दे रहा। शिकायत पर प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राशन वितरण शुरू कराया था और रास्ता खोलने का आश्वासन दिया था। लेकिन प्रशासनिक टीम के लौटने के अगले ही दिन यह हमला हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि यह हमला उसी शिकायत का नतीजा है। आदिवासी समाज ने अब दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है और सेल्समैन को हटाने की मांग रखी है।
60 क्विंटल चावल गायब, सैल्समैन पर रिकवरी की कार्यवाही
इस बीच, शुक्रवार को तहसीलदार दृगपाल सिंह वैश ने कार्रवाई करते हुए ककरई की राशन दुकान को शील्ड कर दिया है। उन्होंने बताया कि दुकान से चावल गायब पाया गया, जबकि मशीन में 60.95 क्विंटल चाबल दिख रहा है जिसे दुकानदार ने गायब कर दिया।
इसके साथ ही सितंबर व अक्टूबर माह का कुल 95.78 क्विंटल गेहूं मशीन में शेष बताया गया है बहीं मौके पर 115 बोरियों में 57.5 क्लिंटल गेंहूं पाया गया। जिस पर सेल्समैन पहलवान यादव से रिकवरी की कार्यवाही की जा रही है और उसकी जगह नए सेल्समैन को जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही शनिवार 18 अक्टूबर को प्रबंधक द्वारा शेष हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण कराया जाएगा।








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