Press "Enter" to skip to content

झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराने के बाद बिगड़ी महिला की तबियत, घंटों की मशक्कत के बाद बची जान, ग्रामीणों में आक्रोश / Shivpuri News

शिवपुरी: पोहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम भैंसदा में झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार ग्राम की रामकली आदिवासी नामक महिला ने तबीयत बिगड़ने पर इलाज के लिए एक कथित डॉक्टर से संपर्क किया। महिला को दवा दी गई, जिसके बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ गई। लगभग 5 घंटे तक महिला की स्थिति गंभीर बनी रही, हालांकि बाद में धीरे-धीरे उसकी हालत में सुधार हुआ।

पीड़ित महिला रामकली ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि डॉक्टर ने बिना सही जांच किए दवा दी थी। जब हालत ज्यादा बिगड़ी तो परिजन घबराकर इधर-उधर दौड़ते रहे। ग्रामीणों ने बताया कि यह झोलाछाप डॉक्टर ग्राम वेशी महेंद्र धाकड का रहने वाला है और लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से खुलेआम अवैध दवाखाना चला रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि ऐसा ही एक मामला बैराड़ नगर में संतु धाकड के दुबारा मरीजों को गलत दवा दी थी लेकिन मामला रफा दफा हो गया था….स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी और मिलीभगत के चलते इलाके में झोलाछाप डॉक्टर धड़ल्ले से दुकानदारी कर रहे हैं। आए दिन लोग गलत दवाओं और इलाज के शिकार हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।

सरकारी अस्पताल होने के बावजूद झोलाछाप का बोलबाला है

गंभीर सवाल यह है कि स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे ऐसे झोलाछाप डॉक्टर कैसे खुलेआम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अगर समय रहते विभाग नहीं चेता तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

यह मामला फिर एक बार स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही और झोलाछाप डॉक्टरों के बढ़ते खौफ को उजागर करता है.

More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »
More from ShivpuriMore posts in Shivpuri »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!